सचिन पायलट और सारा पायलट की अजब प्रेम की गजब कहानी

सचिन पायलेट का जन्म 7 सितम्बर 1977 को UP के सहरन मेंहुआ था उनका पैतृक गांव दिल्ली के पास नॉएडा मेंवेदपुरा था वे गुज्जर समाज से आते थे और उनके पितावैसे तो पायलेट थे लेकिन पहले वह दिल्ली मेंदूध का व्यापार करते थे , उनके पिता का नाम राजेश पायलेट था, वो राजीव गाँधी के बेहद करीबी थे, राजेश पायलेट राजस्थान में सबसे पहले 1984 मेंभरतपुर और फिर दो साल से लगातार सांसद बनते रहे !पिता राजेश पायलेट की 2000 मेंबिमार हादसे मै मौत हो गई, जिसके बाद सचिन पायलेट की माँ रमा पायलेट ने दो साल से जो चुनाव हुआ उसे लड़ाऔर वहां से वह चुनाव जीती भी थी, और ऐसा बताया भी जाता डोसा और उसके आस पास गुजर भाव के इलाके मेंपायलेट परिवार की बहुत चलती है !पायलेट के दो बेटे आराम और विहान है और पायलेट की शादी जम्मु कश्मीर पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुला की बेटी सारा पायलेट से हुई है ! आज हम यहां आपको सचिन पायलेट और सारा पायलेट की प्रेम कहानी के बारे मेंबताएंगे की कैसे उन दोनों की मुलाकात हुई और कैसे उनका प्रेम आगे बढ़ता गया और फिर कैसे मुस्लिम परिवार से आने वाली सारा अब्दुला ने अपने परिवार से बगावत की और फिर कैसे दोनों परिवारों के रिश्ते वापस पटरी पर भी आ गए !

सचिन ने नई दिल्ली के एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़ाई की उसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेंटसटीफन कॉलेज से डिग्री हासिल की और गाजियावाद के I M T से मार्केटिंग डिप्लोमा हासिल किया आगे की पढ़ाई करने के लिए सचिन अमेरिका गए उन्होंने वहा की पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से MBA की पढ़ाई की , यही पर सारा अब्दुला भी पढ़ाई कर रही थी ,क्यूंकि जब 1990 के दोर में जम्मू कश्मीर में पंडितों का कत्लयाम हुआ और घाटी का माहौल बिगड़ा तो फारुखअब्दुला ने सोचा की पत्नी और बेटी को कोई खतरा न हो , इसलिए इनको विदेश मे भेज दिया जाये और विदेश मेंजब सचिन पायलेट पढ़ाई करने गए तो वहां पर सारा अब्दुला भी पढ़ाई कर रही थी, दोनों की मुलाकात हुई दोस्ती हुई दोस्ती प्यार मेंबदल गयी ! कई सालों तक दोनों ने एक दूसरे को डेट किया बाद मे सचिन भारत वापस आ गए लकिन सारा विदेश में ही थी , सचिन के भारत आने के बाद दोनों एक दूसरे से ईमेल और फ़ोन के जरिये बात करते थे, दोनों ने कई सालो तक एक दूसरे को डेट किया और फिर एक दिन ऐसा भी आया जब ये फैंसलालिया की वो दोनों शादी करेंगे घर बसायेंगे लेकिन रास्ता इतना आसान नहीं था, परिवारों में बगावत छिड़ने वाली थी की दोनों के परिवार राजनीती मेंआते थे इसलिए सचिन का परिवार कांग्रेस सी जुड़ा हुआ था तो सारा पायलट के पिता की पार्टी नेशनल कॉन्फरेंस जम्मू कश्मीर के साथ मिलकर सरकार चला चुके थे !लिहाजा दोनों परिवार एक दूसरे को जानते तो थे लकिन कश्मीर में फारुख अब्दुला का परिवार भी खुले विचारों वाला था फारुख अब्दुला ने खुद कैथोलिक क्रिश्चन लड़की से शादी की की तो उनके बेटे यानि की सारा के भाई उमर अब्दुला ने सिक्ख लड़की से शादी की , लेकिन कश्मीर में 1990 के बाद जिस तरह की हिन्दू मुस्लिमवाली राजनीती हुई उसे देखते फारुख अब्दुला बिलकुल भी सहमत नहीं थे, की उनकी बेटी किसी हिन्दू लड़के से शादी करे हालाँकि इससे पहले जब 1990 में कश्मीर का माहौल बिगड़ा तो फारुख अब्दुला ने अपनी बेटी और पत्नी को विदेश भेज दिया ताकि कोई खतरा न हो इसलिए सारा ने सचिन की विदेश में ही अपनी माँ से मुलाकात तो करवा ली माँ ने सचिन की पहली मुस्कानपर ही पसंद कर बैठी लकिन कश्मीर में बैठा सारा का बाकि परिवार इसके लिए तैयार नहीं थे, उधर सचिन पायलट का परिवार भी इस बात को लेकर तैयार नहीं था की उनका बेटा किसी मुस्लिमलड़की से शादी करे हालाँकि कुछ ही वक़्त में सचिन पायलट ने अपनी माँ रमा पायलेट को शादी के लिए मना लिया !

यूपीए 2 सरकार के कार्यकाल मंत्री बनाये गए संसद बनने के बाद फारुखअब्दुला ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया पायलेट को मनमोहन सरकार ने जब मंत्री बनाया गया तब फारुखअब्दुला बेहद खुश नजर आये और कई बार दोनों परिवारों को साथ में देखा गया यानि की दो परिवार शादी से पहले बगावती मोड़ पर थे यानि की बेटी पर तमाम पाबंदिया लगा दी गयी थी सचिन को दामाद के रूप में स्वीकार नहीं कर रहे थे, और ये स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि उनकी मुस्लिम बेटी किसी हिन्दू से शादी करे लकिन शादी के बाद में उनका जो दामाद था सांसद बना मंत्री बना तो फिर रिश्ते भी स्वीकार कर लिए. फ़िलहाल सारा पायलेट अपने काम में व्यस्त रहती है वो एक योग ट्रेंडर भी है वह समाज सेवा भी करती है ! 2018 के विधान सभा चुनाव में अफेडेबिट के मुताबित सारा पायलेट की प्रॉपर्टी सचिन पायलेट से भी ज्यादा है, सचिन राजनीति में व्यस्त है वे राजस्थान के उप मुख्यमंत्रीहै हालाँकि पावर को लेकर अशोक के साथ उनका तकरार चलता रहता है ,पहले C M पद को लेकर चला फिर मंत्री बनने को लेकर चला फिर उनको कौन सा मंत्री मंडल दिया जाये इसको लेकर तकरार चलता रहा अब अशोक गोयल जिस मंत्रालय को लेने की पायलेट ज़िद कर रहे थे ,कार्मिक गृह और वित्तमंत्रालय में से कोई इम्पोर्टेन्ट मंत्रालय वो तीनो ही गोयलने अपने पास रखे और पायलेट को उनके मर्जी के मंत्रालय नही मिले है ,लकिन गहलोग ने अपनी चालाकी से उन्हें आगे नही आने देते है

एक सवाल आपके लिए क्या सचिन पायलेट को आपके मुताबित मुस्लिम परिवार में शादी करनी चाहिए कुछ लोगों का कहना है, की अगर मुस्लिम से शादी के बाद हिन्दू लड़की को मुस्लिम बना दिया जाता है तो फिर सारा पायलेट को भी जब वो हिन्दू धर्म में शादी कर चुके है तो उसे भी ये धर्म अपनाना चाहिए हालाँकि    ये मानता है की हर व्यक्ति को बराबर धार्मिक आजादी है लेकिन आप की क्या राय है यह कमेन्ट बॉक्स में हमे जरूर बताएं अगर   पसंद आया हो तो विडियो को लाइक और शेयर करें !

 

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