Russia भारत को S400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम देने से आखिर क्यों बेचैन है चीन ?

400 मिसाइल डिफेन्स सिस्टम इस एयर डिफरेंट सिस्टम में की 400 किलोमीटर और दुनिया बार में मन जाता है। की ये सर्वक्षेष्ट एयरडिफेंट सिस्टम है और आज के समय तीन कंट्रीज इसको परचेज कर चुकी है फ्रॉम रशिया टर्की इण्डिया और चाइना और इन तीनो कंट्री में से सबसे पहला फायर था चाइना चाइना ने 2014 में इसके लिए एक ऑडर पैलेस कर दिया था और रशिया ने ये मिसाइल डिफेंड सिस्टम चाइना को प्रोबाइड करना स्टार ककर दिया। और उसके बाद 2018 19 के बिच में एक चाइना ने काफी बार S 400 टेस किया है कीइवन मलेटरी एक्ससाइज में इसको टेस्ट किया विद वेसरियस कंट्री यहां पाएगे the diploma का आर्टिकल है।

फ्रॉम 2019 report . china completes user trials of s. 400 air defense system मगर इस रिपोर्ट में बताया जाता है कि चाइना में जो मिसाइल टेस् किय है उस में से कोई भी मिसाइल 400 किलोमीटर का नहीं है तो इसे ये माना गया। कि श्रेष्ट चाइना MTCR मिसाइल टेक्नोलॉजीकंट्रोल रिजिम का मेंबर नहीं है जिस तरीके से इण्डिया और रशिया है तो चाइना यहां पर 400 किलोमीटर कीजो मिसाइलहै ये परचेज नहीं कर सकता ओपेनली अब सिग्रेटली रशिया मेंजब कोई मिसाइल प्रोवाइड कर लिया हो वो अलग बात गई इसमें कमेंट करुगा नहीं। मगर आप ऑफिशली देखे तो चाइना के पास जो 40N6E मिसाइल है। ये नहीं है। विराइज ये मिसाइल रशिया इण्डिया को सप्लाई कर पाएगा। क्युकी इण्डिया MTCR का मेम्बर है। तो देखो S400 की टोटल 5 यूनिट चाइना ने कनेक्शनलि ऑडर की थी रशिया बाद में ये भी बात चल रही थी की हो सकता है छटी यूनिट भी ओडेर करे। अगर रशिया ने ओनटाइम चाइना को S 400 सप्लाई करना स्टार्ट कर दिया। और चाइना के पास आज के समय इसके दो यूनिट है ये भी न्यूज़ आए है कॉन्फ़्राम नहीं हुआ है। कि चाइना S 400 की यूनिट लद्दाक के पासभी डिप्लॉयकर सकता है हालंकि इन्होने अभी डिप्लॉयकी नहीं है। कन्फोर्मशन हुई नहीं है। मगर इस प्लेशन को आ रहीथी तो जो बाकि का S 400 का मिसाइल सिस्टम चाइना को मिलना था अलगी साल के अंत रशिया ने उसकी डिलीवरी रोक दी। रशिया ने कहा है की जो आपके पास है ठीक है बाकि डिलीवरी हम अभी के लिए अभी सस्पेंड कर रहे है। हम आपको बताएगे कब ये डिलीवरी है। वापसरेस्यूम करेंगे।अब चाइना का जो सेटम मिडिया है उसने इस बात को स्पेन दिया है। इन्होने यहाँ पर ये बोला है। की एक्च्युली रेशिया में COVID 19 की सिचवेशन है अभी कंट्रोल में आई नहीं है। तो इसलिय इन्होने डीलेकिया है। जबकि ये बात करेक्ट है नहीं। रशिया ने ओपनली ये कहाँ है। की COVID 19 का इम्पेक्ट इण्डिया की S 400 डिलेवरी पर नहीं होगा। तो अभी ऐसी बात है। इण्डिया की डिलीवरी पर नहीं होरा तो चाइना की डिलीवरी पर कैसे होगा। तो इस से साफ लग रहा है चाइना का स्टेटमीडिया इस बात को डक रह रहा है कि कई न कई रशिया चाइना से नाराज़ है और एक इशू को ले कर इन्होने S 400 की सप्लाई है। ये सस्पेंड कर दी है। ऐसे टाइम में जब चाइना बहुत से फ्रंट खोल रहा है

एक जापान के अगेंस्ट USA के अगेंस्ट इवन अगेंस्ट इण्डिया तो जो ये मूव है रशिया का इम्पोडेन्ट है और इस से डेफेनटली चाइना को सेट बैग पहुंचा है। अभी तो हमने बात करि है चाइना ने ऑफिशली अपने जो मिडीया मोथपीसजो थरु क्या बोला है। अगर हम बाकि जो इवेंट हुए उन सब को इन्वलस करेउन सब जो भी रशिया ने किया हैइसका एक और रिलेश्न है एक महीने पहले अगर आप देखो तो रशिया ने एक बहुत ही इम्पोडेन्ट के साइनटेन्स्ट थे जो प्रेजिडंट थे ST peters burg Arctic social academy के इनका नाम था Valery mitotic इनको रशिया कि सरकार ने अक्यूज किया। की अपने देशदरों किया है और अपने मिल्ट्रीजसिगरेट चाइना को प्रवाइड किय है और रशिया ने ओपनली ये कहा की हमे अपने देश में ये व्यक्ति पकड़ा है और आज के समय मेंये हॉरेस्ट में है। क्युकी इसने चाइना को मिल्ट्री सिग्रेट भेजे है तो रशिया ने ओपनली चाइना पर ये भी आरोप लगाया की चाइना सपाईन्ग करवाता है। रशिया पर और रशिया मिल्ट्री सिग्रेट है की किस तरिके से ये वेपंज बनाते है। किस तरिके से इनका मिल्ट्री हार्डवेयर मेनेफेचर किया जाता है। उसके सिग्रेट भी कुछ चोरी करने की कोशिश कर रहा है। और यहां पर आप देख पाओगे CM का आर्टिकल है फ्रॉम जून 2020 RUSSIA accuses leading arctic researcher of spying for china एक बात तो यहाँ पर ये है एक और बात में आपको बताना चहुँ। की s 400 का एक क्रेडिसेसर है और एक सक्सेसर है मतलब की S 400 से पहले का जो सिस्टम था वो था S 300 और इसके बाद का जो होगा अबीसाली S 500 चाइना के मिल्ट्री रशिया के स्ट्रांग है की S 400 से पहले जो S 300 है इसका भी पहला परचेजर दुनिया का चाइना और करीब 5 से लेकर 6 यूनिट्स परसचेज किए थे फ्रॉम रशिया उस टाइम और बाद में बहुत सी कंट्रीज S 300 को परचेज किया। अब देखो चाइना ने S 300 परचेज तो कर लिया और उसकी पेमंट भी करी मगर साथ ही साथ एक चालाकी भी करि चाइना ने S 300 का जो डिजाइन है जो इसके टेक्नोलॉजी है। इसको कॉपी किया और इसका एक चाइनीज वर्जन प्रिपेयर कर दिया। HQ 9 पे आप देखोगे ये है चाइनीज HQ 9 कम्प्लीट कॉपी है। S 300 की अब आप पूछोगे की वाव चाइना ने इतना कुछ कर दिया। तो रशिया ने कभी कुछ पब्लिकली कभी उनको अक्यूज नहीं किया। की आप कर रहे हमारा हार्डवेयर पर देखो काफी बार किया है। काफी बार दबे शब्दों में काफी बार ओपनली फॉर एग्जाम्पल 2019 में तो रशिया ने ओपनली कह दिया था। की चाइना ने जो रशिया की मिल्ट्री रिकोर्डी है। उसको चुराने की कोशिश कर रहा है और बहुत से जो इनके रेकयुमेंट है जो चाइनीज मेड है। वे एक्चुली रशियन हार्डवयर की कम्प्लीट कॉपी है इसका और एक एग्जाम्पल है SU 27 जिसको कॉपी कर के चाइना ने बना दिया अपना खुद का FIGHTER JETS J 11 तो ये काफी लम्बे समय से होता आरा है पॉब्लम ये है की रेशिया बहुत ही ज्यादा निर्भर है ऑनचाइना US के सेंशन इंटर दा कार्डसा फिर जो यूरोप के सेगशन है उसके अलावा जो तेल की कीमत होती है ये ग्रेश कर चुकी है।

इनसब चीज़ो में रशिया को काफी डिपेंडेंट बना दिया है। ऑन चाइना इवन तो रशिया इन सुब चीज़ोको ले कर काफी अनोयड है ये ओपनली ये बात बोलभी चुके हैकी मिल्ट्री टेक्नॉलजी की सपाईन्ग गलत है मगर तब भी फॉर फोरन एक्सचेंजफॉरमनी इन्होने अपनेवेपर्स चाइना को बेचने होते है। तो ये जो मेने आपको दो बाते बताई है।इस से हम क्लफ्लुट कर सकते है कि इस बार क्या हुआ कि चाइना ने फिर से कोशिश की है की S 500 कोई और जो इनका मलेट्री हार्डवेयर है ,या फिर मिलट्री टेक्नोलॉजी है। इसको ये कॉपी करे इसको ये रशिया चुरादे और रशिया ने इस बार चाइना को पकड़ दिया। उन्होंने जो चईजीन सपाइन थी उन्होंने रोक दी है जो करेप्शन होरा था ये भी रोक दिया है। सिर्फ ये सब ऐसे टाइम में होरा है। US भी ओपनली ब्लेम करा है चाइना को वास्पाईंग और येकह रहे है कि ये लोगडिप्लोमेंट के नाम पर सपाइजको बेचते हैऔर जो इनकी काउंसलेट हैजो इनकी एम्ब्सीसहै। वहाँ पर जासूसी होती है बहुत ही हाई स्केलकी तो रशिया को भी यहाँ प्लेटफ्रॉम मिल चुका है ,अपनी नाराज़गी जाहिर करने का और देखो लॉन्गटरमें मुझे लगता नहींहै कि जो रेशिया कर रहा है। इसका बहुत ही बड़ा इम्पेक्ट होगा ऑन रशिया जनरेलेशन हाँ रशिया ने सस्पेंड किया है। s 400 की डेलीवरीऔर इस से चाइना को मेसेज जाएगा।की स्टॉप्स सपाईन्ग ऑनेस्ट की हम पेसपाइन करना बंद करो।हमारा जोप्रोपटी है जो हम हमारा दिमाग लगा कर के टेक्लॉलजीयुजकरते है। उसको कॉपी करना बंद करो तोमेसेज रेशिया में लाऊड क्लियर सेंड करदिया है चाइना को मगर दोनों कॉन्ट्री का कोमिनेशन है। कॉपरेशन हैकोनोमिक्स कॉपरेशन है उसमे कुछ खास रुकावट नहीं आएगी क्युकी रेशिया बहुत ही ज्यादा डिपेंडिट है ऑन चाइना अंटिल US यूरोपियन युनेनअपने सेगशन रेशिया से नहीं उठाती और साथ ही साथ जो तेल की कीमत है ये वापस 80 डॉलर90 डॉलरतक नहीं पहुँचती आप रशिया से एक्सपेट नहीं कर सकते की वो चाइना को लेकरन्यूटल होगा जब तक ये सब नहीं होता रशिया चाइना की प्रतिजुका रहेगा।तो ये है जिओ पोलटिकल सभी कारण इस से आप समझ गए होंगे हुआ क्या है वैसे ओवररोल इण्डियाको S 400 मिलेगा 2024 के बाद तो तब जो भी रुकावट आएगी तब रशिया और चाइना के रिलेशन मेंउसको अभी आप फ़ैक्ट्रिन करलो तो तब भी इण्डिया से काफी पहले चाइना को सारे S 400 के जो यूनिट्स है और ये इंटरग्रट भी कर चुके होंगे एस फॉर को इन्डेयर मिल्ट्री।

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