RUSSIA ने जो नही किया ईरान ने भारत के लिए किया रसिया चाइना और पाकिस्तान का इतना सपोर्ट क्यों कर रहा हे

एक समय वह था जब भारत के खिलाफ और पाकिस्तान के साथ अमेरिका ब्रिटेन समेत मैक्सिमम नाटो सदस्य देश खड़े थे तब हमारा साथ रूस दिया करता था और आज ही समय आ गया कि अमेरिका ब्रिटेन समेत मैच आज भारत की तरह है और पाकिस्तान के खिलाफ जबकि रसिया पाकिस्तान की साइट ज्यादा जा रहा है।

वैश्विक कूटनीति में कोई भी देश किसी का सगा नहीं होता है। अपने अपने हित साधने में लगे हैं, लेकिन फिर भी कभी कभी विश्वास नहीं होता है कि रसिया भारत के साथ ऐसा बर्ताव कर रहा है। हाल ही में रसिया ने ऐलान किया कि वह पाकिस्तान को डिस्कस करने के लिए टॉपलेस मीटिंग बुलाने जा रहा है

जिसके लिए उसने पाकिस्तान और चाइना को आमंत्रित किया, जबकि भारत को पूरी तरह इगनोर किया। यह खबर आते ही मीडिया में आग की तरह फैल गई और रसिया की फिरसे आलोचना शुरू हो गई जिसके साथ साथ अब एक नई डिबेट शुरू हो गई हे कि क्या अफगानिस्तान पीस

नेगोशेशंस में भारत को इन्क्लूड किया भी जाए या फिर नहीं रिपोर्ट के मुताबिक भारत किस मीटिंग से बाहर रखने के लिए रशिया पर चाइना और पाकिस्तान ने दबाव बनाया था, वही रसिया के कुछ डिप्लोमेट्स ये तर्क दे रहे हे की दोनों पार्टी से बातचीत नहीं करता है। इसलिए रसिया भारत को मीटिंग में इनवाइट नहीं कर रहा है।

यानी भारत बस एक ही पार्टी अफगानिस्तान सरकार के साथ इंवॉल्व है जबकि हमारी तालिबानियों के साथ कोई भी बातचीत नहीं होती है। इसलिए भारत को मीटिंग से बाहर रखा जा रहा है। वैसे बहना जो मर्जी हो, सच्चाई तो आज की डेट में यही है कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत को पूरी तरह इग्नोर कर रहा है।

फिर वह चाहे इसी साल मार्च 4 अप्रैल के महीने में बुलाई गई मीटिंग 2 या 11 तारीख वाली होने वाली मीटिंग है। मीटिंग में रचाने भारत को एक बार भी मैसेज नहीं किया। साथ में नशा की पोस्ट मैडम कैसे भूल सकते हैं, जिसमें उसने खिले शब्दों में कह दिया था कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर वह मरती कोई भी मदद नहीं कर सकता है।

भारत को अपना खुद ही देखना होगा। भारत को अपना रोल खुद ही डिसाइड करना होगा। जब दोस्ती ऐसा बोलेगा तो दुश्मन चाइना पाकिस्तान से क्या उम्मीदे लगा सकते हैं, लेकिन इन सबके बीच एक देश ऐसा है जो जो उम्मीदे हम रसिया से लगा रहे थे वह सपोर्ट देने के लिए जो देश सामने आया है

वह देश ईरान ईरान से खबर निकल कर आ रही है कि ईरानी प्रेसिडेंट इब्राहिम रेजी ने अफगानिस्तान में भारत के सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के रूल का पूरी तरह स्वागत किया है। ईरान के नए प्रेसिडेंट इब्राहिम रही थी। पिछले कल भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर साहब से मिले जिस दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत को ईरान का पूरा समर्थन दिया।

इब्राहिम रेजी जी ने बोला, भारत और इरान दोनों मिलकर इस सीजन में सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए कंस्ट्रक्टिव और यूज़ फूल रोल कर सकते हैं।

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