PM MODI के आगे झुके दुनिया कई देश RUSSIA के राष्ट्रपति पुतिन ने क्या बोला

जैसे कि मैंने आपको पिछले कल बताया था कि यूएसी सिक्योरिटी काउंसिल का प्रेसिडेंट होने के नाते भारत को यूएसी सिक्योरिटी काउंसिल में मेरिट एंड सिक्योरिटी यानी समुद्री सुरक्षा पर डिबेट करवानी थी, जिसको चेक किया भारत के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी जी ने डिबेट में पीएम मोदी के जवाब में रशियन प्रेसिडेंट व्लादीमीर पुतिन ने क्या बोला, वह बताने से पहले आप कोई चीज का एहसास करवा दूंगी।

भारत की ताकत पिछले कुछ सालों में इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि जब बाकी देशों को इन्फॉर्म किया गया कि जो मैरिटाइम सिक्योरिटी पर डिबेट भारत करवाएगा उसको भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी खुद ही वर्चव मूड से चेयर करेंगे तो जितने भी सदस्य देश इस डिबेट में हिस्सा ले रहे थे।

लगभग सभी देशों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सम्मान में अपनी कैबिनेट और सरकार के सबसे इंपॉर्टेंट व्यक्तियों को भेजा। वैसे तो इस तरह की मीटिंग में आमतौर पर जो सभी देशों के यूएन में परमानेंट पर्सेन्टेटिव वो इसको अटेंड करते हे |

पिछले कल भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सम्मान में 10 देशों ने अपने मिस्टर्स भेजें। एक देश वियतनाम के प्राइम मिनिस्टर शामिल हुए, जबकि 2 देशों के प्रेसिडेंट ने भी डिबेट अटेंड कि जिस की जानकारी डॉक्टर जयशंकर साहब ने ट्वीट करके दी। डिबेट की हाईलाइट रूस के प्रेसिडेंट व्लादीमीर पुतिन का प्रेजेंट बना था

, जिसने कई थिंक टैंक को डिप्लोमेटिक एक्सपर्ट को बिल्कुल सरप्राइज कर दिया था। साथ में डॉक्टर जयशंकर साथ ट्वीट करके यह भी जानकारी दी कि दस अलग-अलग देशों ने तो रिटर्न में अपनी पोजीशन भी भेजी जिसमें उन्होंने कहा कि जो भारत में डिबेट करवाई वो टाइमली और एलिमेंट थी।

7:00 बजे मैरिटाइम सिक्योरिटी पर स्टेटमेंट थी। वह भी यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के सभी सदस्यों ने बिना किसी विरोध के एक साथ एक्सेप्ट कर ली जाने की बात करें तो चीन ने इस डिबेट में अपने फौरन मिनिस्टर तो छोड़ो जो उसके यूएन में परमानेंट रेप्रेज़ेंटेटिव था।

उसको तो उसने नहीं भेजा पिछले कल इस डिबेट में चाइना और अमेरिका एक बार फिर से आमने-सामने आ गए थे। दरसल अमेरिका के सिक्योरिटी फर्स्ट एंड्री ब्लिंकन ने डिबेट में बिना चाइना का नाम लिया ही कह दिया कि जब किसी देश को मैरिटाइम सिक्योरिटी रूल्स तोड़ने तोड़ने का दंड बिल्कुल नहीं दिया जाता तो यह बाकी जगह भी इंस्टेबिलिटी यानी अस्तित्व को बढ़ाता है।

 

यानी एक देश को देखकर बाकी सभी देश में इस तरह की हरकतें करते हैं। अमेरिका के जवाब में चाइना नाम लेकर अमेरिका पर निशाना साधा और कहा कि यह साउथ चाइना सी को डिस्कस करने का सही प्लेटफॉर्म नहीं है। अमेरिका बेवजह मुद्दा उठाकर परेशानी पैदा कर रहा है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने जो बताया कि भारत इंडियन ओशन रीजन में नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका निभा रहा है और ऐसे ही समुंद्री सुरक्षा पर ज्यादा अहमियत देने पर जोर देने की बात बोली तो उसके जवाब में रशियन प्रेसिडेंट व्लादीमीर पुतिन ने भी पीएम मोदी के सामने अपनी राय रखी।

मैरिटाइम सिक्योरिटी यानी समुद्री सुरक्षा को लेकर व्लादिमीर पुतिन ने बोला कि क्यों ना अलग सिस्टम तैयार करें। ऐसी बॉडी तैयार करें जो डायरेक्ट ली। दुनिया के अलग-अलग डिजाइंस मैरिटाइम ट्रेन से निपटने का काम करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *