NASA ने हिंदू देवताओं के साथ डाली फोटो , तो पश्चिमी लोगों ने दिखाई अभद्रता

अमेरिकी एजेंसी नासा ने दुनिया भर के लोगों से इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने के लिए एक ट्वीट किया और उसके साथ एक फोटो भी ट्वीट के जिस से सोशल मीडिया  पर हड़कंप मच गया। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर उस ट्वीट में ऐसा क्या था |

 

 

दरअसल उस ट्वीट में आप भारतीय मूल की प्रतिमा राय को अपने देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ देख सकते हैं। कुछ बुद्धिजीवियों को देवी-देवताओं की मूर्तियों से परेशानी होने लगी और वह लगे नासा और प्रतिमा को ट्रोल करने लगे | कुछ लोग बचाव में भी सामने आए विरोध करने वालों और समर्थन करने वालों दोनों के ही क्या तर्क है।

वह जानने के लिए पहले विस्तार से समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। दरअसल नासा ने दुनिया भर के लोगों से इंटर्नशिप के लिए आवेदन मांगने के लिए एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की तस्वीर में भारतीय मूल की इंटर प्रतिमा राय हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों के साथ देखी जा सकती है।

प्रतिमा की आस्था से सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को खूब मिर्ची लगी। उन्होंने न केवल प्रतिमा के हुनर पर बल्कि नासा जैसी संस्था के साइंटिफिक टेंपरामेंट पर भी सवाल उठा डालें। इस तस्वीर के पोस्ट होने के बाद कई लोगों ने नासा जैसी संस्था जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक शोध करते हैं, उनका तक मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।

प्रतिमा जो कड़ी मेहनत से नासा पहुंची, उन्हें भी ट्रोल्स में नहीं छोड़ा। एक ट्विटर यूजर लिखते हैं कि हिंदुओं को अपने चारों तरफ देवी-देवताओं को रखने की जरूरत क्या है। उन्होंने अपने ट्वीट में सवाल किया कि नासा को ऐसी तस्वीर ट्वीट करने की जरूरत ही क्या थी।

 

 

इनके अलावा भी कई लोगों ने आस्था पर सवाल उठाया और बेशर्मी के साथ हिंदू देवी देवताओं का मजाक भी उड़ाया। जहां एक तरफ लोगों ने मजाक बनाया तो वही उससे ज्यादा संख्या में लोग समर्थन में भी आगे आए।

लोगों ने ट्रोल को आड़े हाथों लेते हुए सवाल किया कि आखिर अपने धर्म का गर्व से पालन करने में बुराई ही क्या है, उसमें लिखा कि जो लोग इस तस्वीर का मजाक उड़ा रहे हैं

उनको बताना चाहूंगा कि हिजाब बाल विवाह को चुनने की आजादी के नाम पर सम्मान दिया जाता है। लेकिन एक हिंदू महिला अगर अपने धर्म का पालन कर रही है तो उसे मूर्ख करार दिया जा रहा है। आपका पक्षपात महिला को और ज्यादा मजबूत बनाएगा।

रश्मि सामंत नाम की यूजर लिखते हैं कि उन्हें खुशी है कि प्रतिमा ने गर्व से अपने कल्चर को दिखाया है। अंशु सक्सेना लिखते हैं कि बुद्धिजीवियों को तब तक कोई दिक्कत क्यों नहीं हुई। जब नासा की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स स्पेस में गीता लेकर गई थी।

 

 

आपको बता दें कि भारतीय मूल की बहने प्रतिमा और पूजा राय नासा ग्लेन रिसर्च सेंटर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर कोप इंटर्न  है। नासा के ब्लॉक को दिए गए इंटरव्यू में प्रतिमा कह चुकी है कि भगवान ने उनकी पूरी आस्था है। आपको क्या लगता है क्या किसी को उसके हुनर पर ना आंकना बल्कि उसकी आस्था का मजाक बनाना कितना जायज है?

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