सूट बूट पहनकर मोगली पहुंचा स्कूल, जानवरों के बीच से निकलकर इंसानों के बीच जीना हुआ मुश्किल

दोस्तों अबतक आपने फिल्मो में ही मोगली के बारे देखा और सुना होगा लेकिन आज हम आपको रियल लाइफ के मोगली के बारे में बताने वाले है. इसकी कहानी बेहद दिलचस्प है और लोग इसके बारे में जानने के लिए बेहद एक्साइटेड है. ये मोगली अफ्रीका के एक जंगल रवाडा में रहता है

जहाँ ये जानवरों के बीच पला बढ़ा है और उसकी जिन्दगी भी जानवरों की तरह हो गयी थी लेकिन अब वह इंसानों की दुनिया में वापस लौट आया है. हालांकि उसे इंसानों के बीच रहने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन वह धीरे धीरे सब सीख गया.

अफ्रीका के रवाडा जंगल में रहने वाले इस मोगली का नाम जंजीमन है जिसे लोगो ने मोगली का नाम दिया है. जंजीमन ने आज अपनी जिन्दगी को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है. जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर जोरो शोरो से होने लगी है. जंजीमन पहले जानवरों के बीच रहता था

इसलिए उसे जंगल में रहने की आदत हो गयी थी और वह जानवरों को ही अपना परिवार और माँ बाप समझता था. मोगली को जब इंसानों की दुनिया में लाया गया तो उन्हें जंगल की बहुत याद आने लगी थी और वह इंसानों के बीच रहना बिलकुल पसंद नही करता था. मोगली को जंगल पसंद था

लेकिन वक्त के साथ उसने खुद को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है. जंजीमन एली की उम्र 21 साल है जोकि अब काफी मशहूर हो चूका है और इसकी चर्चा पूरी दुनिया में की जा रही है. बचपन से ही जानवरों के बीच पले बढ़े मोगली की हरकते काफी अलग है वह इंसानों जैसे नही लगते है उनके दोस्त भी जानवर ही है.

मोगली को जानवरों से बहुत ज्यादा प्यार है लेकिन फिलहाल उन्होंने इंसानों की तरह जीना सीख लिया है. जंजीमन का जन्म 1999 में हुआ था और उनको बचपन से ही बेहद खतरनाक बीमारी माइक्रोसेफली थी जिसकी वजह से जंजीमन का शरीर काफी बड़ा हो गया था.

जंजीमन बीमारी के चलते अपनी उम्र के बच्चो से काफी बड़े दिखाई देते थे जिसकी वजह से बच्चे उनका मजाक उड़ाने लगे. जंजीमन के 6 भाई बहन है और ये सबसे छोटे है. क्योंकि बच्चे जंजीमन का मजाक उड़ाते और उनके साथ नही खेलते थे इसी वजह से माँ जंजीमन को जंगल ले जाती थी जहाँ मोगली की दोस्ती जानवरों से हो गयी थी.

जंजीमन की माँ एलो ने बताया कि उसका चेहरा अन्य बच्चो से अलग है और वह काफी बड़ा है इसी वजह से बच्चे उसको परेशान करते थे. जंजीमन को सुनने और बोलने में दिक्कत होती थी और इसी वजह से वह स्कूल में पढाई नही कर पाया. इसके अलावा माँ ने बताया कि जंजीमन घर का खाना नही खाता था बल्कि जंगल में घास फूस खाता था. लोग जंजी मन से काफी डरने लगे थे और माँ एलो उन्हें पूरा दिन जंगल में रखती थी.

एलो ने अपने 5 बच्चो को खो दिया है अब उसके पास केवल जंजीमन बचा है और वह इसे बहुत प्यार करती है लेकिन शहर के लोग जंजीमन को मोगली कहकर परेशान करते है. माँ ने बताया भगवान ने हमे एक विकलांग बच्चा दिया है लेकिन वह भी अन्य बच्चो की तरह जल्दी मर न जाए इससे मुझे दुःख होता है मैं इसे कैसे छोड़ सकती हूँ .

एलो ने बताया जंजीमन पर मोगली फिल्म बन चुकी है और धीरे धीरे लोगो ने इसे एक्सेप्ट करना शुरू कर दिया है. जंजीमन अब स्कूल जाने लगा है और घर में ही खाना खाता है.

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