चीन को आइना दिखा रही थी भारत की बेटी अचानक हुआ माइक बंद, क्या ड्रेगन की चाल तो नही ?

चीन में एक बेहद ही महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी जिसमे अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने सबके होश उड़ा डाले. चीन की राजधानी बीजिंग में हुई बैठक जैसे ही भारत की बेटी ने चीन के खिलाफ बोलना शुरू किया तो एक अजीब सी ख़ामोशी छा गयी क्योंकि उनका माइक अचानक से बंद हो गया.

अब ये माइक किसी तकनीकी खराबी के चलते बंद हुआ या फिर चीन की बुराई न सुनने के लिए किसी ने इसे बंद कर दिया था. इसको लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा हो गया है. इस बैठक में एक ऐसी घटना घटी जो किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रही है.

14 अक्टूबर से लेकर 16 अक्टूबर संयुक्त राष्ट्र के परिवहन सम्मेलन 2021 की बैठक इस बार चीन में हुई है जहाँ भारत ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव कड़ा विरोध किया है. भारतीय राजनैयिक प्रियंका सोहनी ने जब चीन की इस परियोजन के खिलाफ बोलना शुरू किया

तो इस बीच उनका माइक बंद हो गया और उनकी आवाज किसी तक नही पहुंची. माइक के अचानक बंद होने से पुरे हॉल में खलबली मच गयी. काफी देर तक माइक ऑन नही हुआ और किसी को समझ नही आ रहा था कि अचानक माइक कैसे बंद हो गया ? माइक को ठीक करने में काफी समय लग गया था

और इस बीच कई मीडिया वालो ने तो यहाँ तक कह दिया कि –  चीन ने जानबूझ कर भारत की आवाज को दबाने की कोशिश की है. हालांकि माइक ठीक होने के बाद संयुक्त राष्ट्र के उपमहासचिव ने प्रियंका सोहनी से दोबारा अपना भाषण जारी रखने का अनुरोध किया .

उपमहसचिव ने माइक की इस तरह से हुई गडबडी के लिए खेद जताया है जिसके बाद प्रियंका सोहनी ने अपना भाषण आगे देना शुरू किया. उन्होंने कहा – चीन की महत्वकांक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के अंतर्गत बन रहा चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरीडोर भारत की समप्रभुता को नुक्सान पहुंचा रहा है.

कोई भी देश ऐसी किसी पहल का समर्थन नही कर सकता जो किसी देश की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर उसकी मूल चिंताओं की अनदेखी करता हो. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक महत्वकांक्षी परियोजना है.

बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का उद्देश्य चीन का प्रभाव बढाना और दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप में भूमि और समुद्री मार्ग के नेटर्वक से जोड़ना है. चीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जरिये श्रीलंका, पाकिस्तान समेत कई अफ़्रीकी देशो को कर्ज देकर अपना आर्थिक गुलाम बना चूका है.

चीन का असली मकसद इस परियोजना के जरिये दुनिया के वैश्विक ट्रेड रूट पर कब्जा करना है. अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की की बारी के दौरान इस कद्र माइक का बंद होना शक जरुर पैदा करता है. लेकिन चीन ने अपनी तरफ से इसे तकनीकी दिक्कत बताया है. हालांकि भारत की तरफ से इसपर कोई आधिकारिक ब्यान नही आया है.जबकि भारतवासियों और मीडिया वाले इसे चीन की साजिश बता रहे है.

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