भारत ने एक बार फिर से पूरी दुनिया से लोहा मनवाया और सभी देश को हैरान कर दिया

अगर आपको भी याद होगा तो भरत को लेकर जो दुनिया भर के फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस ने सेकंड में आने से पहले यह प्रेडिक्शन की थी कि साल 2021 से 22 के लिए भारतीय जीडीपी ग्रोथ रेट साढे 13 परसेंट के आसपास रहेगा। फोटो बीपी साइज आईएमएपी वर्ल्ड इकोनामिक आउटलुक रिपोर्ट अप्रैल 2021 के मुताबिक इस साल भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट आने का अनुमान था।

 12555 परसेंट लेकिन फिर उसके बाद भारत में आगे चाइना के प्लाट की सेकंड में कितने देश भर में लोगों लगाने के लिए एक बार फिर से मजबूर कर दिया। लॉकडाउन के कारण स्थिति वहीं पिछले साल की हो गई थी। हालांकि इस बार चैटिंग पर में लोगों के दौरान भारत के सभी राज्य सरकारों ने थोड़े ऐसी चीज मायने में थोड़ी को देखना मेक एक्टिविटी की परमिशन दी थी।

 मगर इसके बावजूद अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। दुनिया भर की जो एजेंसी इस साल की शुरुआत में जीडीपी ग्रोथ रेट 12:30 पर्सेंट है। निकाली थी। उन सभी ने इसको डिवाइस किया और डेट आफ इसे कंपाइल कर के दोबारा से हनुमान गया कि इस भारत का जीडीपी ग्रोथ रेट 9:30 पर्सेंट के आसपास रहेगा।

 मगर गौर करने वाली बात यह है कि यह सारी असेसमेंट सेकंड ईयर के बीच हुई थी। जब भी परीक्षा लगाई जा रही थी कि सेकंड पेपर भी काफी लंबी चलेगी। लेकिन खुशी की बात यह है कि भारत में सेकंड में इतनी तेजी से खत्म हो रही है। जितना एक्सपोर्ट ने अनुमान भी लगाया था। दिल्ली पहुंच चुके हैं।

 चार लाख से लेकर 50000 के पास आ गए हैं जिसको देखते हुए कई राज्य सरकारों ने दो अनलॉक 2.2 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं अक्टूबर को के दौरान भर्ती मार्केट में इतनी को देखने को मिल रही है कि जेपी लॉकडाउन के सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है जो एक उम्मीद कर रहे थे कि मार्केट भी लॉक डाउनलोड पर आते-आते भारत में फेस्टिवल सीजन आ जाएगा। वह अभी सही हो गया है। दरअसल इकनॉमिक टाइम्स के वाले से ही मीडिया रिपोर्टों में निकल कर आ रही है कि साइकिल के बाद अनलॉक 2.2 में भर्ती मार्केट में एफएमसीजी सेल्स पंद्रह पर्सेंट के रिकॉर्ड को तोड़ के साथ बढ़ रही है।

 यानी कि भारत की फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड मार्केट है। उसने जून के पहले दो हफ्तों में तेल के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह टेडी कंडक्ट किए। तुमने जो देश भर में 75 लाख दोस्त मैसेज को क्या कर रहे हैं।

 रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट को जो मोमेंट मिला है वह कम से कम दिवाली तक तो रहेगा ही मतलब कि भारत में फेस्टिवल सीजन आने तक मार्केट इतनी तेज से ग्रुप करती रहेगी और शेष पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दी जाएगी। साथ में इस साल की अच्छी मॉनसून सीजन काफी फायदा देखने को मिलेगा। वहीं एक पक्ष के मुताबिक सभी केटेगरी।

 इसमें ग्रोथ रेट डबल डिजिट में है जो दर्शाता है कि आगे अनलॉक 2.2 प्रक्रिया बढ़ने के साथ मार्केट बहुत ही तेजी से निवाई पड़ेगी की भूमिका यानी होटल्स रेस्टोरेंट्स और कैटरिंग सेंटर के रिवाइवल में थोड़ा और समय लगेगा जो कि बहुत ही बुरी तरह प्रभावित हैं। मोटे तौर पर 24 अगस्त को देखा जाए तो जो देश के अंदर कंजक्शन है वह लोग टूटू के साथ ब्लॉक लेवल पर आ गई है।

इसी के साथ दूसरी बड़ी खुशखबरी है कि पिछले 1 साल में दुनिया भर के देशों में एफडीआई यानी फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट का डाटा यूनाइटेड नेशन में कंपाइल कर के रिलीज कर दिया है और आपको खुशी होगी। यह जानकर कि पिछले 1 साल में कोरोनावायरस और साल भर लोगों के बावजूद भारत में तकरीबन 64 मिनट और उसका निवेश हुआ जो कि भारतीय करेंसी में करीब 460000 करोड रुपए के आसपास होते हैं। वैसे खास बात ये है कि एसबीआई में यह 20 बिरादरी देश में अभियान लगातार आती जा रही है। 

फोन करेंसी एसिड लगातार बढ़ रहे हैं जिसकी बदौलत भारत की फौज की जांच हेतु $1 के आंकड़े के पास all-time हाई पर है। यह सारी चीजें कुल मिलाकर एक ही तरफ इशारा कर रही है कि भारतीय संस्थान एक बार फिर से रफ्तार पकड़ लिया है। भक्तों की रिकवरी का श्रेय मोदी सरकार को जाता है। हां या फिर नई नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।  

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