पिता की मौत के बाद 22 साल की लडकी ने बसों की मरम्मत कर उठाई 8 भाई बहनो%

जिन लोगो को ऐसा लगता है कि घर परिवार को केवल बेटा ही सम्भाल सकता है तो उन्हें ये खबर जरुर पढनी चाहिए. लडकियाँ हर काम कर सकती है. फिर चाहे देश के लिए मैडल लाना हो या फिर अपने परिवार को सम्भालना हो. घर परिवार सम्भाल रही 22 साल की सोनी जिसकी पुरे देश में आज तारीफ हो रही.

 

सोनी के दुःख और दर्द को जिसने समझा उसकी आंखे एक बार जरुर भर आई है. हिंसार की रहने वाली सोनी आज इतनी छोटी उम्र में अपने 7 भाई बहनों को अकेले पाल रही है. सोनी ने अपनी पढाई पूरी करके नौकरी जॉइन की ही थी कि उसके पिता चल बसे. ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी सोनी ने अपने कन्धो पर ले ली.

हालंकि 8 बच्चो में सोनी सबसे बड़ी नही है बल्कि वह तीसरे नंबर पर है. सोनी हिसार डिपो में मैकेनिकल हैल्पर का काम करती है. सोनी की कमाई से ही उसके पुरे घर का खर्चा चलता है. सोनी जिस तरह से सुबह उठकर डिपो पर जाती है और वहां बसों की मरम्मत करती है उसका ये काम देखकर हर कोई हैरान रह गया है. एक लडकी होकर सोनी ने मैकेनिकल लाइन चुनी है इस बात को सुनकर हर कोई हैरान रह गया है.

3 बार गोल्ड मैडल जीत चुकी है सोनी

 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोनो मार्शल आर्ट की खिलाडी भी रह चुकी है. एक बीमारी के चलते उसके पापा 2019 में चल बसे. सोनी नेशनल प्लेयर भी रह चुकी है और राष्ट्रीय गेम में लगातार 3 बार गोल्ड मैडल जीत चुकी है. मार्शल आर्ट एक ऐसा खेल है जिसको काफी सुरक्षित माना जाता है.

क्योंकि इस गेम में आप सामने वाले के चेहरे पर वार नही कर सकते है. इस खेल के लिए सोनी को उनके पिता ने ही प्रेरित किया था. सोनी के पिता का सपना था कि सोनी बड़ी होकर देश का नाम रोशन करे और गोल्ड मैडल जीते. शुरुआत में सोनी कबड्डी खेला करती थी . सोनी ने अपने गाँव में कई बार कबड्डी में हिस्सा भी लिया है.

इसके साथ ही सोनी ने मार्शल आर्ट में भी ध्यान देना शुरू किया और उसकी मेहनत इतना रंग लाइ कि उसने 3 गोल्ड मैडल जीत लिए. सोनी ने पिता का सपना पूरा किया है और अब वह अपना बेटी होने का फर्ज निभा रही है. सोनी अकेले ही अपने परिवार का पूरा खर्चा उठा रही है और अपने भाई बहनों को पढ़ा रही है.

 

सोनी का कहना है कि वह भाई बहनों को पढ़ाकर उन्हें इस काबिल बनाना चाहती है कि वे अच्छी नौकरी करे. सोनी की तरह देश में न जाने और भी ऐसी कितनी बेटियां है जो अपने परिवार का भार अपने कंधे पर लिए चल रही है. इसके बावजूद वे लोग जिन्हें लगता है कि सिर्फ बेटा ही घर सम्भाल सकता है

तो वे इस खबर को पढ़े. बेटी भी आज वो हर काम कर सकती है जो एक बेटा करता है इसलिए बेटियों को कमजोर न समझे और उन्हें भी समाज में वही दर्जा दें जो आप एक बेटे को देते है. बेटियां भी देश की शान है .

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