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1993 प्लेन क्रेश के बाद यात्रियों ने किसतरह से निकाले बर्फ में 60 दिन पूरी घटना देखिये

ये एक ऐसी सच्ची कहानी है जो आपके अंदर ज़िंदा रहने का और कभी न हार मानने का और हमेशा लड़ते रहने का जज्बा पैदा कर देगी। बॉलीवुड सिल्वर स्क्रीन प्रेजेंटिंग ‘ए’ लाइव इस कहानी की शुरुआत में एक आदमी को दिखाया जाता है इस आदमी का नाम है ‘कालीटोपाई ‘ और वो कहते हैं आज से 20 साल पहले जो भी हुआ में उसे कभी भूल नहीं पाया लोग कई बार मेरे पास आते और पूछते की अगर हम उस सनाटे में या ख़ामोशी में होते तो जरूर मर जाते लेकिन में इस बात को नहीं मानता मैने उस खामोशी में उस सन्नाटे में पहली बार ईश्वर को महसूस किया उस ईश्वर को नहीं जिसके बारे में बचपन से हमे बताया जाता है वहां पर एक अलग ही ईश्वर है जिसके बारे में हमे कभी नहीं बताया जाता वो सभी धर्मो से ऊपर वो सभी रीती रिवाजों से ऊपर है जहा ईश्वर होते है वहां पर धर्म नहीं होता और जहा पर धर्म होता है वहां पर ईश्वर का कोई काम नहीं होता और इसके बाद कहानी चली जाती है फलेश बैक में 20 साल पीछे और आज तारीख होती है 13 अक्टूबर सन 1972 और यहां पर ये दिखाया जाता है की स्टेलमारिअर कॉलेज एक ओल्डक्रीश्चन रगबीति एक मैच खेलने के लिए चली जा रही होती है और इनकी फ्लाइट एंडीज़ पर्वत श्रृंखला के ऊपर से गुजर रही होती है ये दुनिया की सबसे बड़ी रेंज ऑफ़ माउंटेन है और तभी सारी टीम को एक झटका लगता है जिससे सब चोंकन्ने हो जाते हैं और एक के बाद एक कई झटके लगते हैं !दरअसल इनका प्लेन आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो जाता है और पायलेट को समझ में आ जाता है की ये क्रैश होने वाले हैं और तभी इनके प्लेन का जो राइट साइड का जो पंख है वो पहाड़ी की चोटी से टकराता है और उसके टकराते ही प्लेन दो भागो में बट जाता है यानि की जो इसके पीछे का हिस्सा होता है वो प्लेन से अलग हो जाता है और कुछ पेसेंजर भी हवा में उड़ जाते है और इतनी स्पीड से उड़ने के बाद वो ज़िंदा बच नहीं सकते अब इनका प्लेन पहाड़ में क्रेश हो चूका है जहा पर चारों तरफ बर्फ ही बर्फ है और प्लेन स्पीड से घसीटता हुआ आगे जा रहा होता है और तभी वो एक चटान से टकराता है जिससे बहुत जोर का झटका लगता है और इस झटके में बहुत सारेलोग घायल हो चुके हैं प्लेन का जब पीछे का हिस्सा उड़ा था तो उसके साथ -साथ सात लोग उड़ गए थे जिनसे उनकी मृत्यु हो चुकी है और यहां पर अब काफी लोग घायल है लेकिन जो लोग बेहतर कंडीशन में होते है वो घायलों की की मदद करते हैं किसी का पैर कट चूका है कोई बेहोशहै किसी के सर पर चोट आयी है आगे के जो दो पायलेट होते है उनमे से एक पायलेट मर चूका होता है और दूसरा बहुत बुरी तरह से जख्मी होता होता है वो अपनी ज़िन्दगी की आखिरी सांसे ले रहा होता है और उसके पास एंटोनियो और कैनिसा जाते और वो पायलेट की रेडियो से ऑपरेटर से कॉन्टैक्ट करना चाहते ,ताकि वो उन्हें अपनी एग्जेक्ट लोकेशन बता सके और इनको यहां पर मदद मिल सके लेकिन रेडियो की बेटरी पूरी तरह से डेड होती हैं ,यानि की वो यहां से किसी से भी संपर्क नहीं कर सकती और कुछ ही देर के बाद पायलेट की भी मृत्यु हो जाती है और साथ ही साथ यहां पर चार और पैसेंजर मर जाते है यानि की अब छः और लोग मर चुके हैं और जो बाकि बचे हुए लोग हैं सबको विश्वास है की कल सवेरा होते ही इनके लिए यहां रेस्क्यू टीम आएगी क्योंकि रात होने वाली है और रात को इन्हे कोई बचाने के लिए नहीं आ सकता।

‘कैनिसा ‘ सबको बोलता है की यहां पर जो शीट्स है उसके ऊपर जो कवर है उन्हें हम निकाल सकते हैं ताकि इन्हे हम ब्लेंकेट की तरह यूज़ कर सके और ये बहुत अच्छा आईडिया होता है लेकिन रात को ठण्ड बहुत ज्यादा बढ़ जाती है टेम्प्रेचर 30 से 40 डिग्री कम हो जाता है यहां पर जिन लोगों को चोट लगी है वो दर्द से चिल्ला रहे हैं और साथ ही साथ उनसे ठण्ड भी बरदाश नहीं होती लेकिन किसी तरह से ये सब जितने भी लोग बचे हुए है एक रात यहां पर बिता लेते है और अगले सुबह यहां पर जो एक करूमेंबर बचा होता है उससे पूछा जाता है की यहां पर फ्लेअर गन है ?ताकि जब इन्हे लोग बचाने के लिए आये तो ये फ्लेअर गन चला कर उन्हेंइशारा कर सके की हम यहां पर हैं लेकिन वो कहते हैं की यहां पर कोई भी फ्लेअर गन नहीं है और रेडियो की जो बेटरी थी वो प्लेन टेल में थी जो हिस्सा टूट कर अलग हो चूका है और इन्हे नहीं पता की वो हिस्सा इनसे कितनी दूर है लेकिन फिर भी इन्हे पूरा विश्वास है की रेस्क्यू टीम ढूंढने यहां पर बहुत जल्द ही आएगी क्यूंकि एक पूरा का पूरा प्लेन गायब हुआ है।अब यहां पर जितने भी लोग मर चुके होते हैं उन सबको बाहर ले जाया जाता है जिसमे एक औरत कीडेडबॉडी भी होती है जब ‘कालिटोज ‘ उस डेड बॉडी को देखता है तो वो उससे माफ़ी मांगता है दरअसल रात को वो उस पर चिलाया होता है कालिटोज वही आदमी है जो पूरी कहानी सुना रहा है और इनके आस पास जितनी भी बॉडी है जितने भी लोग घायल है वो सब इनके अपने हैं जो एक दिन पहले इनके साथ हस्स खेल रहे थे अब वो इस दुनिया में नहीं रहे इनके पास खाने के लिए कुछ ज्यादा सामान नहीं होता कुछ चॉकलेट होती हैं , कुछ शेम्पेन होती है लेकिन इनके पास सिगरेट बहुत सारी होती हैं और ये सब ये डिसाइड करते हैं की रात में राशन को बाँट कर खाएंगे यानि की कोई भी ज्यादा नहीं खायेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा दिन तक यहां पर सर्वाइव कर सके और जब ये ऐसा कर रहे होते हैं तभी इन्हे एक हेलीकॉप्टर की आवाज सुनाई देती है और इससे ये सब खुश हो जाते है क्योंकिये समझ जाते हैं की इन्हे ढूंढ़ने के लिए रेस्क़ुटीम आ चुकी है लेकिन उप्पर बादल बहुत होते हैं इसलिए हेलीकॉप्टर पर बैठे लोग इन्हे नहीं देख सकते और न ही इन्हे हेलिकॉप्टर दिख रहा होता है

Survivor Of 1972 Andes Plane Crash says eat the flesh of friends to survive

बस ये उसकी आवाज सुन सकते हैं और इस तरह से एक और रात इन्हे इस जानलेवा ठण्ड में बितानी पड़ती है इनके पास अभी भी उम्मीद हैं बहुत सारे लोग वह पर कैजुअल होते हैं वो आराम से बैठ कर सिगरेट पी रहे होते हैं क्योंकिउन्हें पूरा विश्वास है की अगले दिन उन्हें फिर से ढूंढ़ने आएंगे और इन सब को यहां से निकाल कर ले जाएगी।अब पानी की कमी पूरी करने के लिए यहां पर एक स्टील की शीट लगा देते हैं ताकि उस पर जब वो बर्फ डाले तो गर्मी से पिघल कर पानी बन जाये यहां पर एक और लड़का होता है जिसका नाम होता है ‘नंड्डू ‘ और वो चोट की वजह से कोमा में चला गया होता हैलेकिन अब वो होश में आ जाता है और उसे बताया जाता है की हमारा प्लेन क्रेश हो गया था और उसके बाद तुम कोमा में चले गए थे वो पूछता है की मेरी माँ कहा है? वो बताते है की उसकी माँ दरअसल मर चुकी है और नंड्डो ये बात सुनकर बहुत दुखी हो जाता है लेकिन उससे कहा जाता है की तुम्हारी बहन ‘सुजीना’ अब भी ज़िंदा है वो बहुत बुरी तरह से जख्मी है और उसे तुम्हारी जरुरत हैनंड्डोउसी हालत में उठ कर अपनी बहन के पास जाता है और वो कहता है की में वापस आ गया तो तुम्हे कोइ चिंता करने की जरुरत नहीं है दरअसल यहां पर जितने भी लोग है चाहे वो जख्मी हैं चाहे वो ठीक हो वो सब के सब परेशान है वो डरे हुए हैं ठण्ड वैसे भी बरदाश नहीं होरी पर ये परेशानी ज्यादा वक़्त के लिए नहीं रहेगी। उन्हें बाहर एक हेलीकाप्टर की आवाज सुनाई देती है जो उन्ही के बगल में उड़ रहा होता है और ये देख कर वो सब के सब बहुत खुश हो जाते है वो उसे हाथ हिलाते है , आवाज लगाते हैं पर वो उनकी तरफ से घूम कर निकल जाता है और ये सब समझ जाते हैं की अगली सुबह एक और हेलीकॉप्टर आएंगे और इन सब को यहां से ले जायेंगे और रात को सोने से पहले इनके पास जितनी भी चोकलेट होती है ये लगभग सब की सब खा जाते हैं क्योंकिइन्हे पता है की अगली सुबह हेलीकाप्टर एक इन्हे यहां से ले जायेंगे इसलिए सब एन्जॉय कर रहे होते हैंऔर सुबह होने के साथ ही ये सब के सब बाहर बैठ जाते है लेकिन बहुत वक़्त बीत जाने के बाद भी इन्हे यहां बचाने कोई नहीं आता और अब शाम होने वाली हैं दरअसल उस हेलीकाप्टर ने इन्हे देखा ही नहीं होताऔर शाम होने के बाद एंटोनियो सबको राशन बाँटना चाहता है जो भी उनके पास चॉकलेट्स होती है और जब वो उस बॉक्स को खोलता है तो वो देखता है की उसमे चॉक्लेट्स हैनहीं !

रात को जब सभी चॉक्लेट्स खा रहे थे, तो वो सो रहा था इस बात को लेकर एंटोनियो के बीचमें लड़ाई हो जाती है लेकिन अब कुछ नहीं किया जा सकता क्योंकि राशन खत्म हो चूका है और अगर इन्हे यहां से बच कर जाना है तो इन्हे प्लेन की टेल जो टूट कर प्लेन से अलग हो चुकी है और जो बहुत ऊंचाई पर गिरी हुई है इन्हे वहां पहुंचना होगा ताकि वहां से बेटरी लेकर आ सके और ये अपनी लोकेशन के बारे में बता सके इसलिए इन में से पांच लोग एक तरफ निकल पड़ते हैं ये सब के सब भूखे हैं लेकिन इनके पास और कोई चारा नहीं है और जब ये उस तरफ बढ़ रहे होते हैं तब एक जगह बर्फ धंस जाती है और निचे बहुत गहरी खाई होती है उस खाई में गिरने वाला होता है लेकिन एक के बाद एक चारों कूद कर उसे पकड़ लेते है और किसी तरह से उसे ऊपर खींच कर ले आते हैं और अब ये समझ जाते हैं की अब ये समझ जाते हैं की यहां से आगे जाना ठीक नहीं है क्योंकिरात भी होने वाली है ये सर्दियों का वक़्त है जिसमे रातें बहुत लम्बी होने वाली है और दिन बहुत छोटे होते हैं ये सब के सब वहीँ वापस आ जाते हैं जहाँ पर बाकि लोग हैं अब ये समझ चुके हैं की यहां से निकलना इतना आसान नहीं है ये सब के सब प्लेन के टूटे हुए उस हिस्से के अंदर रात बिताते है जो क्रेश हुआ है, नहीं तो ये ठण्ड से कब के मर चुके होते अगली सुबह इन्ही में से एक रेडिओ में सुनता है की इनको ढूंढ़ना बंद कर दिया गया है क्योंकिसरकार को लगता है की इन में से अब कोई भी बचा और इस बात से वो सब के सब हताष हो जाते है !उसी रात को नंड्डो ‘ जो की कोमा में चला गया था उसकी बहन सुजैन जो की बहुत जख्मी है उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन सब से वो कहता है की में आज पूरी रात अपनी बहन को गले लगाकर रखना चाहता हु कल सुबह हम इसे दफना देंगे।

नंड्डो ने इस एक्सीडेंट में अपनी माँ को और अपनी बहन को खो दिया है वो पूरी तरह से टूट चूका है और नौ दिन बीत जाने के बाद अब बाकि लोग भी टूटना शुरू हो चुके हैं नंड्डो कहता है की बाहर जो मुर्दे हैं हमे इन्हे खाना चाहिए क्योंकि हमारे पास खाना खत्म हो चूका है हमारी खोज बंद हो चुकी है और हमे अब यहां पर और कब तक रहना होगा हमे कुछ पता नहीं है इसलिए हमें एनर्जी की जरुरत ताकि हम खुद यहां से बच कर निकल सके लेकिन नंड्डो की इस बात से कोई सहमत नहीं होता और अगले दिन जब सब एक साथ बैठे होते है तभी उन्ही में से एक जिसका नाम ‘रॉबर्ट केनिशा’ है वो कहता है की तुम्हे मुझसे वादा करना होगाकी अगर में मर जाता हूँ।,तो तुम मेरे शरीर को खा लेना ताकि तुम्हारी ज़िन्दगी बच जाये और अगर तुम लोगो ने ऐसा नहीं किया तो में तुम सब को भूत बन कर मार डालूंगा।लेकिन एक एक करके सभी यही बात कहते हैं यानि की अगर कोई भी मरता है तो जो ज़िंदा लोग होते है वो उसके शरीर को खा लेंगे ताकि उनकी ज़िन्दगी बच सके !अगली सुबह जब ये सब के सब बाहर होते हैं ये सब के सब भूखे होते हैं इन्होने पिछले दस दिनों से कुछ भी नहीं खाया और ये जानते है की अगर इन्हे खाना नहीं मिला तो इन सब की मृत्यु हो जाएगी, और खाना इनके सामने ही पड़ा है यानि की वहां पर काफी सारे मृत शरीर है लेकिन ये ऐसा नहीं करना चाहते इनमे से एक ये कहता है की अगर हमने ऐसा किया तो हम इंसान नहीं रहेंगे लेकिन तभी केनिशा आगे बढ़ता है और वो उन एक मृत शरीरों में से मास का एक टुकड़ा निकाल कर खा लेता है और उसके बाद वहां पर जितने भी लोग होते हैं वो एक एक करके ऐसा ही करते हैं उन्हें ऐसा करना ही पड़ता है हालाँकि ऐसा कोई भी नहीं करना चाहता ये इन सब की ज़िन्दगी का सबसे मुश्किल वक़्त है एक इंसान होकर इन्हे दूसरे इंसान को खाना पड़ रहा है ताकी ये ज़िंदा रह सके और ऐसा करने में सबसे ज्यादा दुःख नंड्डो को होता हैं वो अंदर आकर रोना शुरू कर देता है क्योंकिउन शरीरों में से दो शरीर उसके परिवार के हैं एक उसकी बहन और एक उसकी माँ का लेकिन वो जानता है की अगर ऐसा नहीं किया गया तो ये सब के सब मारे जायेंगे अब इन सब के अंदर एनर्जी आ गयी है क्योंकिइन्होने बहुत वक़्त के बाद कुछ खाया है इसलिए ये तय करते हैं की एक बार फिर से टेल को खोजेंगे जो की यहाँ से बहुत दूर है उसे ढूंढ़ने के लिए जायेंगे ताकी उससे वो बेटरी ला सके और पायलेट का जो कम्युनिकेसन सिस्टम होता है उससे मैसेज भेज सके की अभी भी ये ज़िंदा है और एक दिन ये पूरा सफर तय करने के बाद ये तीन लोग जो बेटरी लेने गए हैं ये रात को एक जगह सोने की कोशिशकरते हैं लेकिन यहां पर बहुत ठण्ड होती है और जब सुबह होती है तब इन में से एक बोलता है की क्या हम अभी भी ज़िंदा है इनके पुरे शरीर पर बर्फ जम गयी होती है

अब ये आगे का सफर तय करते हैं और ये उस जगह तक पहुँच जाते हैं जहाँ पर टेल टूटने के बाद काफी सारा सामान टूट कर बिखर गया था और कुछ आदमी भी गिर गए थे और यहां पर वो सब लोग मरे हुए होते है लेकिन सामान में इन्हे कुछ चॉकलेट्स मिलती हैं जिनसे इन्हे बहुत ख़ुशी मिलती है अब ये आगे का सफर तय नहीं कर सकते क्योंकिअगर रात को अगर इन्हे यहां रुकना पड़ा तो ये तीनो के तीनो ठण्ड से मर जायेंगे इसलिए सब वापस आ जाते हैं और वापस आ जाने के बाद ये एक रणनीति बनाते हैं ये कहते हैं की हमे दोबारा जाना होगा हमे टेल तक पहुंचना होगा लेकिन इस बार जो भी जायेगा वो ज्यादा गर्म कपडे पहन कर जायेगा और साथ ही साथ अपने साथ कुछ खाने के लिए भी ले जायेगा !यहां पर प्लेन के टुकड़े के अंदर जहाँ पर ये सब के सब सोते हैं वहां पर ये रात बिताते है वहां पर ये अपने बचे हुए सामान से आग भी जलाते हैं और आग जलाने के लिए इनके पास जो इनके डॉलर्स होते हैं, वो भी इन्हे जलाने पड़ते हैं और यहां पर इन्हे इस बात का एहसास हो जाता है की इस दुनिया में इन सब चीजों की कोई वेल्यू नहीं है जब कुदरत अपना कहर बरसाती है तो उसके सामने इंसान की कोई भी साथ नहीं होतायहां पर जो कालिटोज होता है वो कहता है ईश्वर हमारे साथ है इसलिए हम अब तक ज़िंदा है वो किसी न किसी रूप में हमारी मदद कर रहा है अब रात को ये सब सो जाते हैं और तभी इन्हे एहसास होता है की इनकी तरफ कुछ आ रहा है दरअसल इनके प्लेन का जो हिस्सा है जिसके अंदर ये सब हैं वो पूरी तरह से बाइब्रेट हो रहा होता है ,दरअसल उप्पर चोटी पर स्नो स्लाइड हुआ होता है और वो सारी की सारी स्नो इनकी तरफ एक तूफान की तरह चट्टान की तरह बढ़ रही होती है और वो इनके प्लेन के टुकड़े से टकराती है और अंदर भी बहुत सारी बर्फ चली जाती है जिससे कई लोग बर्फ के अंदर दब जाते हैं ये लोग बाहर निकलने की कोशिशकरते हैं लेकिन बाहर तूफान चल रहा होता है ये बाहर नहीं आ सकते और इनका पूरा का पूरा प्लेन का टुकड़ा बर्फ के अंदर दफन हो जाता है और अगले कई दिनों तक तूफान चलता रहता है और जब तूफान पूरी तरह से थम जाता है तो बड़ी मुश्किल से बर्फ को खोद कर कुछ लोग बाहर निकलते है बाहर कलिटोज बैठा होता है और वो कहता है की देखो आज कई दिनों के बाद सूरज निकला है और मुझे लगता है की ईश्वर हमारा साथ दे रहे हैं

हालांकि इस हादसे में आठ और लोगों की मृत्यु हो चुकी होती है अब सब के सब बाहर निकल जाते है और वो अपने प्लेन के टुकड़े की चारो तरफ से बर्फ हटा लेते हैं इन्हे आज यहाँ पर पुरे 50 दिन हो चुके होते हैं और 50 दिनों के बाद यहां पर सर्दियों का मौसम भी कुछ कम हो गया है यानि की अब रातें छोटी और दिन लम्बे होंगे और सब ये फैसला करते है की एक बार फिर से ये जो प्लेन की टेल का जो टुटा हुआ हिस्सा है उससे ढूंढने जायेंगे क्यूंकि इन्हे किसी भी हालत में बेटरी चाहिए,और ये एक टीम तैयार करते हैं उनके लिए ये खाने के लिए कुछ सामान रख देते हैं और इनका इस बार ये प्लान होता है की अगर इन्हे प्लेन का दूसरा हिस्सा नहीं मिला बेटरी नहीं मिली तो ये वापस नहीं आएंगे बल्कि आगे सफर पर निकल जायेंगे और इन पहाड़ी दर्रो से बाहर निकलने की कोशिशकरेंगे। अब इन में से तीन लोग बेटरी को ढूंढने के लिए निकल पड़ते है लेकिन कुछ ही घंटो के सफर के बाद ये प्लेन का वो हिस्सा मिल जाता है साथ ही साथ इन्हे यहां पर कपड़े सामान और खाने के लिए चॉकलेट भी मिलती हैं जिससे ये बहुत खुश होते है और साथ ही साथ इन्हे बेटरी भी मिल जाती जो की बहुत हैवी होती है इसे उठाकर वापस नहीं ले जाया जा सकता इसलिए ये उस आदमी को जो वायर जोड़ कर रेडियो को ऑन कर सकता है वापस जा सकता है वापस जाकर उसे इस जगह पर ले आतेहैं प्लेन का दूसरा हिस्सा इनसे ज्यादा दूर नहीं होता वो सिर्फ तीन घंटे की दुरी पर होता है लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी रेडियोऑन नहीं होता है और अब नंड्डो कहता है की हमे पहाड़ी दर्रो से बाहर निकलने की कोशिशकरनी चाहिए लेकिन उसकी बात कोई नहीं मानता और ये चारों के चारों अब अपनी उसी जगह पर आ जाते हैं हालाँकि तूफान भी शुरू हो जाता है और इन्हे वापस आने में बहुत प्रॉब्लम होती है और अब नंड्डो चाहता है की वो किसी भी तरह से बाहर निकले इसीलिए वो यहां पर स्लीपिंग बैगस भी बनाता है और जब इन्हे इस जगह पर पुरे 61 दिन हो जाते है तो नंड्डोकहता है की हमे यहां से निकलना चाहिए और नंड्डोऔर उनके दो साथी जिनका नाम कैनिषा और एंटोनियो है वो उसके साथ सफर में चलने के लिए तैयार हो जाते है !कालिटोज वही है और जब वो वहां से जा रहे होते हैं तब उनके पास कालिटोज आता है , कालिटोज वही है जो ये पूरी कहानी सुना रहा होता है और वो कहता है की कल रात मैने एक सपना देखा और मैने देखा तुम हरी हरी घाटियों में पहुँच चुके हो तुम चिंता मत करो तुम्हे यहां से निकलने का रास्ता जरूर मिलेगा और ये तीनो के तीनो यहां से निकल जाते हैं और दो दिन का लम्बा और खतरनाक सफर तय करने के बाद ये एक ऊँची पहाड़ की चोटी में पहुँच जाते हैं और जब ये चारों तरफ नजर घूमते हैं तो ये देखते हैं की पहाड़ो के आलावा यहां कुछ भी नहीं होता ये देखते ही केनीशा पहाड़ पर ही लेट जाता है वो पूरी तरह से हार चूका है

वो कहता है की अब हम नहीं बच सकते हम कहीं नहीं जा सकते लेकिन नंड्डो उसे बोलता है की उन दो पहाड़ों के बीच में मुझे बर्फ नहीं दिखती जरूर वहां पर एक हरी घाटी होगी केनिशा कहता है की वो हमसे लगभग 50 मिल दूर है और इतना लम्बा चलने से पहले हम मर जायेंगे क्योंकिपहाड़ों पर 50 मिल चलना बहुत बड़ी बात है वो भी तब जब ये पहले थक चुके हैं ,लेकिन नंड्डो हार नहीं मानता वो कहता है की 70 दिनों तक हार नहीं मानी और हमे आगे बढ़ना चाहिए , ऊपर वाला हमारी परीक्षा ले रहा है और जब हम हिम्मतकरके इस परीक्षा में पास हो जायेंगे इस सिचवेशन से निकल जायेंगे तो सालो बाद हमे अपने आप पर गर्व होगा!मैं ज़िंदा रहना चाहता हूँ ,और में इसके लिए कुछ भी करूँगा वो कहता है की हम मेन्टोनियन को वापस भेज देते हैं ताकि हमारे पास ज्यादा राशन बचे और वो ऐसा ही करते है वो मेन्टोनियन को वापस भेज देते है और अब ये दोनों मुश्किल सफर में चल पड़ते हैं इनको पता है की इसमें इनकी जान भी जा सकती है और 12 दिन तक लगातार चलने के बाद ये इन बर्फीली पहाड़ियों से निकल जाते हैं और इनके सामने एक सुन्दर हरी घाटी होती है जहां पर नदियां हैं और यहां पर लोग हैं वहीँ दूसरी तरफ ये दिखाया जाता है की वो सभी लोग जो अभी भी पहाड़ों पर फसे हैं वो अब हिम्मत हार चुके है क्योंकिउन्हें यहां पर कई दिन हो चुके हैं उनका राशन खत्म हो चूका है उनके शरीर में शक्ति नहीं है और जब सब के सब हताश होते है तभी इन्हे हेलीकॉप्टर की आवाज आती है और जब ये बाहर जाते है तो वहां पर उन्हें आर्मी के हेलीकॉप्टर आ जाते है जिसमे नंड्डो और उसका दोस्त भी बैठा होता है और ये हेलीकॉप्टर को देख कर सब के सब नाचना शुरू कर देते हैं क्योंकि इन्हे पता है की अब इनकी ज़िन्दगी बच चुकी हैऔर अब कहानी प्रेजेंट में आती है जहां पर कालिटोज ये कहानी सुना रहा है वो कहता है की हमारी टीम वहां पर वापस गए और वहां पर जितनी भी डेडबॉडी बची थी हम सब ने उन्हें वहां पर दफनाया और उनकी याद् में क्रॉस भी लगाया और अंत में हमे बताया जाता है की 1972 की इस सच्ची घटना में 29 लोग मारे गए थे और केवल 16 ही इसमें बच सके इस घटना को कोई भी भुला नहीं पाया। इस कहानी से हमे ये समझ में आता है की हमे कभी भी किसी का भी वक़्त बदल सकता है उसे हम कण्ट्रोल नहीं कर सकते लेकिन एक चीज को हम अपनी ज़िन्दगी में कण्ट्रोल कर सकते हैं और वो है हमारी हिम्मत ! अगर नंड्डो हिम्मत हारगया होता और वो आगे नहीं बढ़ता तो ये सारे के सारे लोग हमेशाके लिए बर्फ में ही दफन हो जाते लेकिन उसकी पोजिटिव थिंकिंग ने उसकी हिम्मत ने न सिर्फ उसकी जान बचाई बल्कि यहां पर जितने बाकि लोग थे उन सब की भी जान बचा ली हालाँकि इस दुर्घटना में उसकी माँ की और उसकी सिस्टर की डेथ हो गयी थी लेकिन उसने उसे अपनी कमजोरी नहीं बनाई बल्कि वो हिम्मत करके आगे बढ़ता रहा ! तो ये थी पूरी कहानी अलाइव की जो सन 1993 में रिलीज हुई थी और आई एम् टीवी पर इसकी रेटिंग है 7.1 उम्मीद करते हैं की ये कहानी आपको पसंद आयी होगी।

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