वैज्ञानिक क्यों नहीं समझ पाए भीमकुंड का रहस्य

मध्य्प्रदेश के छतरपुर जिले के बचना गांव में स्तिथ है भीमकुंड ये कठोर चटानो की गुफाके बीच बना है.प्राचीन समय से ही ये जगह साधना का प्रमुख केंद्र रही है। यहां बड़ी से बड़ी ज्ञानी तपस्वी ऋषिमुनियों ने साधना की है। वर्तमान में ये कुंड एक टूरिस्ट और रिसर्च का केंद्र बन गया है।यहाँ इसके बारे लोगो का तो यहाँ तक भीम कुंड एक शान्त ज्वालामुखी है।

पौराणिक कथाएं पहली कहानी भीमकुंड की एक कहानी महाभारत से भी जुडी हुई है। कहते है कि कौरवोसे हारने के बाद पाँडव अज्ञातवास के लिए निकल पड़े जंगल के रास्ते से गुजरते वक़्त द्रौपती को प्यास लगी। पांचो भाइयो ने मिलकर पानी की खोज की लेकिन भरा जंगल में पानी कहा से मिलता लम्बी दूरी तय करने पर द्रौपती को औरतेजी से प्यास लगने लगी। प्यास केमारे द्रौपती समेत सभी पांडवोका बुरा हालहो गया। काफी मुश्क्त के बाद जब कोई उपाय नहीं सुझा तो भीम ने घुसे में गधा उठा कर जमीन पर जोर से दे मारा जिस से ज़मीन की सतह से पानी निकल पड़ा द्रौपति समेतपाँचो पांडवो नेअपनी प्यास बुझाई बस तभी से इसका नाम भीमकुंड पड़गया।

दूसरी कहानीपौराणिक कथा के मुताबिक इस जल कुंड को नारतकुंड और नीलकुंड के नाम से भी जाना जाता है। एक बार की बात है जब नारत जीआकाश में गुम रहे थे। तभी उन्हें एक महिला और पुरुष घायल अवस्था में मिले नारत जी नेजब उनकीबुरी दशा का कारण पूछातो उन दोनों बताया कीवो संगीत के राग रागनी है। वे तभी ठीक हो सकते है जब संगीत कला मेंमाहिर गायक साम गान गाए।फिर क्या था.नारत जी तो उस कला में माहिर थे। उन्होंने बिना रुके साम गानगाना शुरू कर दिया इतना मधुर गायागाना सुन कर देवता लोग खुशी से झूमने लगे। गायम से विष्णु भगवान इतनी मंत्र मूगदहो गए की वो एक जल कुंड में परिवर्तित हो गए। तभी से इसका रंग नीला हो गया इस तरह ये जल कुंड नील और नारत कुंड के नाम से जाना जाता है। रहस्यभीमकुंड चटानी पर एक अंदर है इसका पानी इतना साफ सुथराहै। जब सूरज की किरणे यहाँ पर पड़ती है। तब इसका पानी अपने अनोखे रूप में दिखाई देता है.पानी मेंरंगो के कई रूप देखने को मिलतेहै । भीमकुंड का पानी इतना साफ सुथरा परदर्शी है। काफी गहराई तक चीज़ आसानी से देखी जा सकती है। इसके पानी की तुलना मिनरल वाटर से की जाती है।

यही वजा है कि भीमकुंडअपने आप में अदभुद है जो अपने भीतर कई रहस्यसमाए हुए है.

1 रहस्य,,सबसे बड़ा रहस्य ये है कि आजतक कोई भी इसकी गहराई नाप नहीं सका है। बड़े से बड़े वैज्ञानिक और गोता खोरइसकी गहराई नापने असफ़ल रहे। जब इस रहस्य में जल कुंड की खबर विदेशी चैनलों को मिली तो डिस्कवरी चैनल की टीमइंडिया आ पहुंची। टीम अपने साथ कई गोता खोरो कोलाई थी उन्होंने कई बार डुबकी लगाई लेकिन कुछ हाथ न लगा। वो इसके रहस्य और गहराई का सहीआकलन लगाने में असफल रहे.उन्हें कोई सबूत नहीं मिला।

2 रहस्यकई बार ऐसा होताहै कि नदी और तालाब में नहाने गए लोग डूब जाते है.इसके बाद मृत शरीर पानी में तैरते हुए ऊपर आ जाता है। लेकिन भीमकुंड में ऐसा नहीं है। ये इतना विचत्र है कि अगर कोई इसके पानी में डूब जाए तो उसका मृत शरीर कभी ऊपर नहीं आता वो अद्र्श्य हो जाता है। यह कहीं गुम हो जाता है।

3 रहस्य ,जैसा कि हमने पहले भी बताया की ये कुंड अपने आप में कई रहस्य की खदान हैकिसी बड़ी प्रकृतिक आपदाया अनहोनी होने का संकेत इस जलकुंड में आसानी से देखा जा सकता है। बताते है की उस कुंड का जल सत्र अचानक से बड़ने लगता है। वहीं ये भी कहाजाता है कि भूकंप या सूनामी आने के संकेत इस में साफ साफ देखे गए सूनामी के दौरान इस कुंड का पानी 15 फिट तक ऊपर उठ गया था यहाँ के स्थानियो नागरिको का कहना है कि उन्हें किसी आपदा का पता पहले ही लग जाता है।

4 रहस्य।, कहा जाता है न जो जहां रहता है उसे उस जगह के बारे में ज्यादा जानकारी होती है। इसी के चलते हुए भीमकुंड के आसपास के इलाको में रहने वाले लोगो का कहना है। कि रहस्य में ही भीमकुंड का पानी कभी कम नहीं होता। भरपूर मात्रा में पानी का इस्तेमल होने के बावजूद कुंड में पानी का लेवल कभी नहीं घटता। कई बार खोज भी की गयीलेकिन इसके पानी का पता नहीं चला कोई नहीं जनता कुंड की गहराई कहते है कि इसकी गहराई का पता लगाने के लिए समय समय समय पर गोताखोरों को यहाँ भेजा जाता है। लेकिन कुछ हासिल नहीं होता। जब गोताखोर ऐसा कर के थकगए तोप्रसासन ने भीमकुंड के पानी को पम्प की मद्त से पानी को खाली करने की योजना बनाई। ये काम कई दिनों तक जारी रहा। लेकिन कुंड के पानी के सत्र में कोई कमी नहीं आई। काफी खोज के बाद इसके तल का किसी को पता नहीं चल हालाँकि 80 फिट गहराई में पहुँचने पर गोताखोरों को 23 जल की धाराए मिलीजिनका लिंक शायद समुंद्र सेजुड़ा है। बताते है कि इसके गर्थ में दो कुंड है। जिसके एक से पानी निकलता हैऔर दूसरे में भरताहै शायद इसी वहज से कुंड में पानी की बहाव तेज रहता है कभी कम नहीं होता।

तो देखा अपने भीम कुंड अपने आप में कितने रहस्य छुपाए हुए है। कि आज तक वैज्ञानिक भी रहस्य का पता नहीं लगा पाए।

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