भारत में 5g प्लांट में घुसने के किसतरह चाइनीस फैक्ट्रिया नाम बदलकर घुसने का प्रयास कर रही हे

पार्टी कंपनी समेत कुल 29 मिनट बाद टेलीकॉम में दी जाने वाली पीएलआई में भाग ले चुके हैं और इसके अलावा कई और मेनू फैक्ट्री लाइन में पार्टिसिपेट करने वाले हैं। भारत में फजीहत की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जहां चाइनीस कंपनी किसी भी तरीके से पीला स्कीम में अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। वहीं 526 प्लस और सन्मीना जैसी ग्लोबल मैन्युफैक्चर्ड भारत में टेलीकॉम मैन्युफैक्चर करने के लिए एप्लीकेशन डाल चुके हैं ताकि फॉक्सकॉन में इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए दो अलग अलग एप्लीकेशन डाली है।

 पहले पॉपकॉर्न के नाम से और दूसरी राइजिंग चौक के नाम पर इसकी में एंट्री करने के लिए अभी भी एक हफ्ता बाकी है और इसे एक हफ्ते में और मैन्युफैक्चर द्वारा पीला की एप्लीकेशन एक्सपर्ट की जा रही है। कमल की बात यह है कि आरक्षण ने अभी तक इस पे लाइन में पार्टिसिपेट नहीं किया है। पर भारत की एचएससीएल और कोर टेलीकॉम स्वदेशी कंपनी बीपीएल में नाम दर्ज करा चुकी है। इसके अलावा डिक। ईजत नेटवर्क बी इस पि एल आई के लिए रजिस्ट्रेशन करने का पेंट कर रही है।

 इस पीएलआई की वजह से लगभग ढाई लाख करोड रुपए की कीमत के इक्विपमेंट्स भारत में मैन्युफैक्चर होने की उम्मीद है और लगभग 200000 करोड रुपए की कीमत के गिरते ही भारत किया जाएगा। जिन लोगों ने पिछली वीडियो में बस कर दी थी, उनके लिए हम बता दें कि सांसद ने इस स्कीम में पार्टिसिपेट ना करने का फैसला ले लिया है। पर इतनी सारी कंपनी के पिलाई में शामिल होने की वजह से एक कमी को भी पूरा कर लिया जाएगा।

 इस पिलाई की वजह से आने वाले सालों में भारत नेटवर्क गैस की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सेल्फ डिपेंडेंट हो जाएगा और फिर भारत को किसी भी चूरन देश पर टेलिकॉम सेक्टर के लिए निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।   जुड़े हुए सभी आर्टिकल के लिए आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएंगे। पर क्लिक करके आप और जानकारी ले सकते हैं। धन्यवाद जय हिंद! 

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