भारत ने रूस को दिया बड़ा झटका, भारत से धोका करने पर पीएम मोदी ने बदली नीति, जैसे को तैसे पर उतरी भारतीय सरकार

जो ताजा मीडिया रिपोर्ट अभी सामने निकल कर आ रही है। उसको सुनने के बाद आपको भी एहसास हो जाएगा कि फॉरेन पॉलिसी के फ्रंट में भर्ती से कार्य का कोई भी मुकाबला नहीं है। साथ में जब से विदेश मंत्री एस जे शंकर ने पदभार संभाला है तब से तो भारत की विदेश नीति में चार चांद लग गए हैं। वहीं इस बार भी भाटी सरकार ने एक बहुत ही बोल्ड स्टेप उठाते हुए बिल्कुल नहले पर दहला मार दिया है। वह भी रशिया के साथ जी हां बिल्कुल ठीक सुना।

 

 

आपने भारत ने इस बार अपनी ट्रेडिशनल आई विषय को भी इस चीज का एहसास करा ही दिया है कि यह नया भारत है जिस को ब्लैकमेल करने के बारे में तो सोचना भी मत यानी भारत बहुत बड़ा झटका दे दिया है जिसके बारे में तो कई 3 टाइम्स फॉर डिफेंस एक्सपोर्ट को पहले विश्वास ही नहीं हो पा रहा है कि क्या भारत रक्षा के सामने इतना बोल्ड स्टेप उठा भी सकता है या फिर नहीं। जिस तरह कुछ महीनों पहले रशिया की विदेश मंत्री सरगेई लावरोव भारत की यात्रा पर आए थे।

ठीक उसी तरह आज भारतीय विदेश मंत्री एस जे शंकर शादी रचा की यात्रा पर गए हैं। सरगेई लावरोव ने अपने दौरे में भारत को एक बहुत ही बड़ा झटका दिया था जो था पाकिस्तान को तैयार बेचने का फैसला जिससे भारतीय सरकार को भी ज्यादा धक्का लगा था। रशियन फॉरेन मिनिस्टर सरगेई लावरोव ने खुद ही भारत के बाद पाकिस्तान जाकर इसकी घोषणा की थी। भारत ने भी अब कुछ ऐसा ही करते हुए रसिया की पुरानी दुश्मन के साथ हाथ मिलाकर रसिया को बहुत अचंभित कर दिया है। मैप में आप देख सकते हैं कि रसिया और टर्की के बीच में जॉर्जिया नाम का एक छोटा सा देश है जिसकी बाउंड्री र्मेनिया और अजरबैजान के साथ भी लगती है।

यह भी एक समय पर सोवियत यूनियन का हिस्सा हुआ करता था और यहां की आबादी है मात्र 37 लाख। लेकिन आपको शायद यह नहीं पता होगा कि जॉर्जिया के विषय के साथ संबंध बहुत ही खराब है। साथ जॉर्जिया के लोग रशिया को कतई पसंद नहीं करते हैं। दोनों देशों के बीच साल 2008 में जार्जिया के नॉर्दर्न रीजन में स्थित अमकाजिया को साउथ कोरिया को लेकर युद्ध हो चुका है जिसमें रशियन इन दोनों रीजन के सेपरेटिस्ट के समर्थन में जॉर्जिया के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।जॉर्जिया की तरफ टिल्ड हो रहा था था।

 

 

रसिया के साथ इस लड़ाई में उसको हार का सामना करना पड़ा था क्योंकि इस छोटे से देश पर रसिया ने बाइ एयर बाईग्राउंड और बायवाटर तीनों तरफ से रातों-रात हमला कर दिया था। भारी बॉम्बिंग की थी जिसके बाद से ही जॉर्जिया के लोग रशिया को फूटी आंख नहीं छखाते हैं। रशिया ने 2008 युद्ध में अबख़ाज़िया और साउथ ओसेटिया को जॉर्जिया से छीन कर यहां पर अपनी सेना तैनात करके इसको इंडिपेंडेंस देश के रूप में मान्यता दे दी थी।

जिसको रशिया के अलावा दुनिया के दो तीन और देश रिकॉग्नाइज करते हैं, जबकि बाकी देश अभी भी उसको डिस्प्यूटेड आईटी मानते हैं। साथ में आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि भारत अबख़ाज़िया और साउथ ओसेटिया रिकॉग्नाइज बिल्कुल नहीं करता है, लेकिन अब खबर आ रही है जॉर्जिया के साथ रिश्ते मजबूत करने का फैसला कर लिया है जिसकी शुरुआत भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर साहब इसी का रशिया यात्रा के दौरान करेंगे। जी बिल्कुल ठीक सुना आपने ताजा रिपोर्ट से निकल कर आ रही है की रशिया के दौरे के बाद वहां से SJ शंकर साहब जॉर्जिया भी जाएंगे जो कि किसी भी भारतीय विदेश मंत्री की पहली जॉर्जिया विजिट होने वाली है।

 

जिस दौरान दोनों देशों के संबंधों में एक नया चैप्टर शुरू होने जा रहा है कि रशिया के नहले पर दहला है इसीलिए है क्योंकि सरगेई लावरोव भारत के बाद सीधा हमारे दुश्मन पाकिस्तान गए थे। ठीक उसी तरह अब इस बार भारतीय विदेश मंत्री भी रशिया के बाद सीधा उसके दुश्मन जॉर्जिया भी जाएंगे।

 

 

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि भारत की जॉर्जिया में अभी तक कोई भी एंबेसी नहीं है जॉर्जिया के पड़ोसी आर्मेनिया में स्थित भर्ती एंबेसी जार्जिया के लिए अक्रेडिट है। लेकिन अब अनुमान लगाए जा रहे हैं कि भारत जार्जिया में एक एम्बेसी खोलकर रशिया को सरप्राइस कर सकता है।

साथ में तो रशियन प्रेसिडेंट व्लादीमीर पुतिन भारत की यात्रा के जस्ट बाद पाकिस्तान की विजिट करते हैं तो क्या पता कल को प्रधानमंत्री मोदी भी रशिया के साथ जॉर्जिया की यात्रा करें के रशिया खिलाफ स्टेप उठाकर मोदी सरकार ने क्या सही किया हां या फिर नीचे कमेंट करके बताएं।

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