बांग्लादेश का असली रूप भारत के सामने आया पाकिस्तान से कम नहीं हे

बांग्लादेश एक बार फिर ऐसे लेट सामने निकल कर आ रहा है जिसको देखकर यह लगता है कि पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश में हिंदू धर्म के लोगों और इंडियंस के खिलाफ हेट लगातार बढ़ते जा रहा है। बांग्लादेश एक ऐसा देश जिसको भारत ने पाकिस्तान की तानाशाही से बचाया उन पर जो अत्याचार हो रहे थे, उनसे पूछा या उनके लिए एक रिस्पेक्टफुल लाइफ जीने का रास्ता क्लियर किया।

आज उसी देश और प्राइमरी हिंदू धर्म के लोगों के प्रति वापस हेट लगातार बढ़ती जा रहा है। दुर्दशा ताकि धार्मिक कट्टरपंथी ताकतों के आगे भारत का सारा गुडविल वापस जीरो गया है। जितनी भी पिछले 50 सालों में हमने बांग्लादेश की मदद की। उस की स्थापना से लेकर 20 घंटे में मदद का हाथ बढ़ाया।

यह सब अब जीरो तो दिखाई दे रहा है। भारत के प्रति गुस्से का एग्जांपल आपको याद होगा जब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इसी साल मार्च के महीने में बांग्लादेश में दोहरे पर गए थे। उस समय बांग्लादेश में उनका कड़ा विरोध हुआ था।

प्रोटेस्ट इतना पॉइंट हो गया था कि पुलिस को वहां पर लाठीचार्ज को टियर गैस का इस्तेमाल करना पड़ा था। साथ में उस वक्त इन सारे प्रोडक्ट में 12 बांग्लादेश के प्रोटेस्ट उसकी भी मौत हुई थी। वह प्रोटेस्ट पाकिस्तान द्वारा पहुंचा था या फिर नहीं यह तो है। दूसरी डिबेट का विषय है, लेकिन भारत के प्रति है।

हेट अब बांग्लादेश की सोसाइटी के में देखने को मिल रही है। भारत तो चलो ठीक है, लेकिन इस बार बांग्लादेश ने पाकिस्तान के नक्शे कदम पर चलते हुए बस बांग्लादेश में हिंदू धर्म के लोगों को ठेस नहीं पहुंचाई है बल्कि भारत के भी कई लोग आहत हुए हैं जो दर्शाता कि बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति जो हेट है वह आज की डेट में बिल्कुल पिक पर है।

दर्शन आज तक ढाका टीवी ऑन ऑफ इंडिया के बड़े-बड़े मीडिया हौसेसेस ये रिपोर्ट निकल के आरही हे कि बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने 50 से ज्यादा मंदिरों में तोड़फोड़ करके वापस मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया। मंदिर पूरी तरह से नष्ट कर दिए साथ में।

सेकड़ो लोगों की भीड़ ने 57 यानी 57 से ज्यादा हिंदुओं के घरों में लूटपाट की। वहां पर भी तोड़फोड़ की। इस दौरान उनके साथ झड़प में 30 से ज्यादा हिंदू कम्युनिटी के लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। ग्राउंड रिपोर्ट तो यही है कि यह लोग बीच बचाव करते हुए घायल नहीं हुए हैं बल्कि इनको जानबूझकर मारा पीटा गया था।

मंदिरों के साथ-साथ कई हिंदुओं के घरों को भी पूरी तरह तोड़ फोड़ दिया गया है और कई घरों को आग भी लगा दी गई है जो मंदिर बांग्लादेश में देखने को मिला सेम वहीं पाकिस्तान में भी देखने को मिलता है। लेकिन इस बार बांग्लादेश की कट्टरपंथी ताकतों ने तो सारी हदें पार कर दी हैं। कट्टरपंथियों की भीड़ इतनी ज्यादा वाई लेंट हो गई थी

कि उन्होंने उस एरिया में स्थित हिंदुओं की दुकानों में भी लूटपाट मचाई जो वहां पर हिंदू धर्म के लोगों के माल मवेशी थे जो पशुओं को पालते थे। उनको तक वह लूट कर ले गए। जिसका विरोध करने वालों ने हिंदू धर्म के लोगों को काफी मारा। पीटा भी वैसे अगर आप यह सोच रहे हे की अचानक से इतना बड़ा विवाद कैसे बन गया तो आपको बता दू की वैसे तो बांग्लादेश या पाकिस्तान में मंदिरो या फिर हिन्दू पर हमले करने के लिए कोई विशेष कारण नहीं चाइये होता हे

लेकिन इस बार नमाज और भजन-कीर्तन 1 समयपुर होने के कारण वहां पर हिंदू और मुस्लिम कमेटी के लोग आमने-सामने आ गए थे। यह घटना 6 अगस्त देर शाम को ही थी और अगले दिन पूरी प्लानिंग के साथ वहां पर यह एक्सीडेंट हो गया। जिसको लोकल बांग्लादेश का मीडिया भी नहीं कर रहा है।

यह तो इंटरनेशनल मीडिया के तुम इतनी सारी रिपोर्ट मिल रही है। बांग्लादेश हिंदू इंटर काउंसिल ने इस घटना को लेकर कहा कि ना बांग्ला देश की मीडिया को खबर कर रही है और ना ही वहां की पुलिस ने इस पर कोई बड़ी कार्रवाई की है। फिलहाल के लिए जिन इलाकों में एक घटना हुई है, वहां पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को डिपोली कर दिया गया है।

वैसे यह इंसिडेंट बांग्लादेश में पहली बार नहीं हो रहा है। लेकिन देखने को यह मिल रहा है कि इस तरह की इंसिडेंट के खिलाफ वहां पर कोई डिस्ट्रिक्ट में जो बांग्लादेश की सरकार नहीं ले रही हे |

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