जिसने Narendra Modi को PM Modi बनाया अमित शाह को वो किस्सा

अँधेरा छटेगा सूरज निकलेगा कमल खिलेगा ! पार्टी के पहले अधिवेशन में जब अटल बिहारी वाजपेयी ने यह नारा दिया था तब अमित शाह सिर्फ 16 साल के थे और आज शाह सियासत के शाहजहां बन गए अनहोनी को होनी कर दे , होनी को अनहोनी अमित शाह उसी का नाम है
बायो कैमिस्ट्री से ग्रेजुएशन करने बाले ने सियासत की पूरी केमिस्ट्री ही बदल दी ,और देश को भगवामय कर दिया शाहजहां जहाँ गए वहाँ उनके पैरों के निशानों के साथ कमल खिलता गया और आज देश की 75 फीसदी आवादी भगवा रंग में रंग गई उत्तर से `दक्षिण तक पूर्व से पश्चिम तक हिमालय की घाटी से रेगिस्तान और मैदान तक शाह विजय का दूसरा नाम बन गए !
यूँ तो शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ 1982 में अपने ही कॉलेज में पहली बार उनकी मुलाकात नरेंद्र मोदी से हुई लेकिन उनकी असल कहानी की शुरुआत होती है राजनीति में आने के बाद साल 1986 से ! शाह को साल 1987 में बीजेपी युवा मोर्चा का सदस्य बनाया गया 1991 में गांधीनगर में अडवाणी के प्रचार का जिम्मा मिला
, 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रचार का जिम्मा संभाला ! इन दोनों चुनावों में शाह सफल रहे ! 1997 में सरखेज विधानसभा उप चुनाव जीतकर शाह पहली बार विधायक बने फिर 2003 से 2010 तक गुजरात में ग्रह मंत्रालय संभालते रहे मोदी से पहले बीजेपी में आए थे अमित शाह !! और देखते ही देखते pm मोदी को सत्ता का सिकंदर बना दिया !
साल 2014 की लोकसभा चुनाव में शाह के पास थी सबसे बड़ी जिम्मेदारी up जीतने की थी और शाह ने 71 सीटें जीतकर दिल्ली की तख्त का रास्ता आधा तय कर दिया ! चंद महीनों में ही शाह को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया बस इस एक कदम ने बीजेपी की किस्मत बदल दी ! प्रधानमंत्री मोदी का नारा कांग्रेसमुक्त भारत जो की पूरा सच होने लगा था !
2014 में शाह की अगवाई में महाराष्ट्र ,हरियाणा और झारखंड में बीजेपी ने बम्पर जीत हासिल की तो जम्मू कश्मीर में भी भगवा दिलो दिमाग में छा गया हालाँकि 2015 में दिल्ली और बिहार दोनों हार के बाद शाह के नेतृत्व पर सवाल उठे लेकिन शाह घबराए नहीं ! मोदी का पूरा साथ मिला और शाह ने 2015 के हार का जवाब 2016 में असम जीत कर दिया !
2016 में पश्चिम बंगाल के चुनाव में बीजेपी ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया शाह ने संगठन को इतना तैयार किया की 2017 में देश से कांग्रेसका सफाया होने लगा ! बीजेपी देश के सबसे बड़ा राज्य up जीत गई उत्तराखंड , मणिपुर , गोवा, गुजरात , हिमाचल , त्रिपुरा , नागालैंड और मेघालय मे भी मोदी मोदी हो गया शाह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले nda सिर्फ 8 राज्य में थी
लेकिन उनके आने के बाद 15 राज्य में बीजेपी और 7 राज्यों में ndaकी सरकार बन गई देश की तक़रीबन 71 फीसदी आवादी पर भगवा राज हो गया `65 फीसदी इकनॉमी बाले राज्य में बीजेपी की सरकार बन गई शाह वो नाम हो गया जो न कभी हारता न कभी थकता ! राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के तीन सालों के भीतर ही देश भर में 5 लाख 60 हजार किलोमीटर की यात्रा की , 315 आउट स्टेशन टूर किये देश के 680 में से साढ़े तीन सौ जिलों की यात्रा की !
शाह ने बीजेपी से 10 करोड़ कार्यकर्ताओं को जोड़कर उसे दुनियां की सबसे बड़ी पार्टी बना डाला ! शाह फ़िलहाल राजयसभा सांसद है और pm मोदी की जीत के सूत्रधार भी !शाह ने सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले को इतने महीन तरीके से साधा की बाकी पार्टियां भी कच्चा खाती चली गई
आज शाह जिस मुकाम पर बीजेपी को लेकर गए उसके बाद यही कहा जा सकता है की शाह का काम भी बोलता है और नाम भी ! इसलिए जब तक अमित शाह है कांग्रेस ही क्या बाकी दलों के लिए भी जीतना मुश्किल ही नहीं नाममुकिन सा लगता है ! दोस्तों राजनीती के इन शहंशाह के बारे में आपके क्या ख्याल हे हमे कमेंट करके जरूर बताये।