चीन से झगड़े में भारत को समर्थन देने वाले फ्रांस की ताकत जान लीजिए

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। भारत के आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवाने जिसे भारत के आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे जी का बहुत ही जबरदस्त स्वागत हुआ है। यूके के अंदर यूके के अंदर पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है और इसी के साथ भारत के आर्मी चीफ की मुलाकात हुई है।

यूके केसी डीएस से जी हां दोस्तों भारत के अंदर जो सीरियस का पद बना है ना वह सीरियस का पद यूके के अंदर बहुत सालों से है और वहां के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ से भारत के आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवने जी मिले हैं। दोस्तों भारत का यूके का दौरा क्यों हो रहा है।

यह बहुत ही सरप्राइजिंग बात है कि भारत के रक्षा मंत्री जो कल तक लद्दाख के बॉर्डर पर सारे हालातों का जायजा ले रहे थे वह अचानक से ही यूके के दौरे पर चले गए हैं। हालांकि दौरा तो इटली का फिक्स था लेकिन यूके के दौरे पर जाने का क्या मतलब बनता है। भारत के रक्षा मंत्री का आपने देखा होगा।

इटली के दौरे पर तो भारत के रक्षा मंत्री जा रहे क्योंकि हमारे जैसे सैनिक जो शहीद हुए थे वर्ल्ड वॉर टू के बारे में वहां पर जो एक वॉर मेमोरियल बनाना है, उसके चलते इटली ने इनविटेशन दिया है। लेकिन यूके का तो कोई मतलब ही नहीं है। भारत के रक्षा मंत्री वहां पर जाएं, लेकिन फिर भी भारत के रक्षा मंत्री यूके गए हैं तो बात कुछ गहरी है और सीक्रेट है।

जी हां, दोस्तों भारत के रक्षा मंत्री यहां के सभी सेना प्रमुखों से मिल रहे हैं और वहां पर मिलकर वह एक जायजा कर रहे हैं कि किस तरीके से दोनों देश मिलकर मिलिट्री ऑपरेशन को बढ़ावा दे सकते हैं। दोस्तों चीन के खिलाफ यूके की रिप्लाई में बहुत इंपॉर्टेंट है यूके चाहता है कि साउथ चाइना सी के अंदर यूके का एक व्हाट्सएप तैनाती रही और उसको सपोर्ट करने के लिए इंडोपेसिफिक वे शेत्र में भारत जैसा बड़ा।

देश अगर हो तो यूके की नवी को डरने की जरूरत नहीं है और उसी की कड़ी में यूके के अंदर भारत के आर्मी चीफ का जबरदस्त स्वागत हुआ है और वार्म वेलकम हुआ है। भारत के आर्मी चीफ यहां पर यूके के हर बड़े ऑफिशियल से मिल रहे हैं तो यह आप समझ सकते हैं कि भारत की पेट कितनी बड़ी है। आपने देखा होगा। लद्दाख के सिचुएशन में भारत के आर्मी चीफ ने देखा कि चीन की डिप्लोमेट बहुत ज्यादा हो रही है।

उसकी ट्यूशन में भारत के आर्मी चीफ यूके से डिस्कस करने गई है। सारी सिचुएशन हालांकि ऐसा नहीं है कि भारत के आर्मी चीफ यहां पर यूके की मदद लेकर चीन को काउंटर करेंगे। लेकिन हम दोनों देश! मिलकर चीन को काउंटर कर सकते हैं और दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूके इकलौता ऐसा देश है जिसके ऊपर आंख बंद करके आंख बंद करके भारत भरोसा कर सकता है।

अगर कंपैरिजन करके देखा जाए। यूरोपियन यूनियन के देशों का भारत आज फ्रांस के ऊपर भरोसा नहीं कर सकता। जितना भरोसा यूके के ऊपर कर सकता है। चाइना के मामले में आप कहेंगे कैसे वह ऐसे क्योंकि दोस्तों, फ्रांस और जर्मनी और यूरोपियन यूनियन के सभी देश आज भी बात कर रहे हैं।

आइए चाइना के राष्ट्रपति से हाल ही में चाइना के राष्ट्रपति के साथ ही उन्होंने वर्चुअल सबमिट किया है और उस समिट में उन्होंने कहा है कि ट्रेड के रिश्ते गहरे करो। उन्होंने कहा है कि यूरोपियन यूनियन की कंपनी स्कोर एंड ट्री दो चाइना के अंदर और यहां पर यूके सीधा सख्त विरोध कर रहा है। चाइना का यूके ने चाइना के खिलाफ न सिर्फ सैंक्शन लगाए हैं बल्कि मोर्चे बंदे भी यूके की गिरे सरकार बहुत तगड़ी कर रही है।

यहां तक कि साउथ चाइना सी में अपना एड्रेस कैरियर भेजना हो तो यूके की नवी ने भेजा है। यूके की सरकार अमेरिका के साथ मिलकर चाइना को काउंटर कर रही है। जबकि अमेरिका के खिलाफ यूरोपियन यूनियन के देश अमेरिका और पूरी दुनिया को धोखा दे रहे हैं और चीन के साथ ट्रेड की बातें कर रही हैं। यह बातें आपको पता लग गई है।

जिस कारण से हम कह रहे हैं कि आज फ्रांस अपने ट्रेड को देखने के लिए यूरोपियन यूनियन अपने ट्रेड के हितों को देखने के लिए भारत को तो एक ठंडे बस्ते में डाल सकता है, लेकिन चीन को नहीं डाल सकता है। यही कारण है कि भारत आज यूके पर भरोसा कर सकता है। यूरोपियन यूनियन पर नहीं यही कारण है।

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