चीन पाक को बड़ा झटका देकर रूस ने भारत से निभाया अपना वादा | PM मोदी

जैसे-जैसे लगा LOC के पास मौसम सामान्य होते जा रहा है। टेंपरेचर जो कुछ महीने पहले नेगेटिव तक चल जाता था, वह धीरे-धीरे नॉर्मल हो गया है। चाइना ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है क्योंकि हम सबको अच्छे से पता है कि चाइनीस सैनिक ज्यादा ठण्ड बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। फिर उस वेदर में युद्ध लड़ना तो दूर की बात है मगर अब तो गर्मी आ गई है।

चाइना ने एक बार फिर पिछले साल की तरह लद्दाख LOC के पास हथियार हथियार की डिप्लॉयमेंट में पहले से काफी ज्यादा बढ़ा दी है। लद्दाख LOC सटे अपने एरिया में उठान एयर बेस पर ट्रेनिंग के नाम पर चाइना ने स्टेल्थ फाइटर जेट Z 20 डिप्लॉय कर दिया था।

 

 

फ्री ट्रायल के नाम पर बॉम्बर S 20 की तैनाती की और अब दो-तीन दिन पहले खबर यह सामने निकल कर आई थी कि चाइना ने ने उठान एयरबेस पर s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की भी तैनाती कर दी है। वैसे यह तैनाती या डिप्लोमेट बस लद्दाख की नहीं भारत के नार्थ ईस्ट से सटे तिब्बत में भी चाइना ने सिर्फ इसी तरह की डिप्लॉयमेंट और बिल्डर बढ़ा दिया है।

वैसे भारतीय सेना तो इतनी सक्षम है की चाइना को बड़े आराम से धूल चटा दे और अब तो भारतीय सेना के पास राफेल फाइटर जेट भी आ गए हैं लेकिन एक ब्रह्मास्त्र अभी भी ऐसा था जिसकी कमी भारतीय सेना को बखूबी महसूस हो रही थी और वह था s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम जो भारत को सबसे पहला s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम मिलेगा। उसकी तैनाती कश्मीर या लद्दाख के आसपास की जाएगी ताकि एक तीर से दो निशाने एक पाकिस्तान और चाइना शादे जा सके, लेकिन इनकी डिलीवरी पर पिछले काफी समय से खतरा मंडरा रहा था

जिसका मुख्य कारण था पेंडेमिक में क्योंकि आप खुद ही सोचें कि हमारी घरेलू हथियार निर्माता कंपनियां जिनमे पब्लिक सेक्टर की कंपनियां भी है। यह सब अपनी डेडलाइन से लेट चल रही है जबकि चाइना और पाकिस्तान यह सर पर बैठे हैं तो फिर भी बाहरी देश है लेकिन अब इकनोमिक टाइम से एक मीडिया रिपोर्ट में निकल कर आ रही है।

 

 

जिसके मुताबिक रशिया के s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के डेवलपर्स ने यह आश्वासन दे दिया है कि 2021 के दिसंबर तक भारत को एक और S 400 डिफेंस सिस्टम का पहला बैच डिलीवर हो जाएगा, जिसमें चार चार लॉन्चिंग ट्यूब वाली दो बैटरी सेवर की लेकिन अधिकारियों ने देखना मिक्स टाइम्स को यह भी बताया कि

घंटे में के कारण की डिलीवरी पर कोई भी असर नहीं पड़ेगा और यह बिल्कुल नियर कंपनी से स्टेज पर है जिनकी डिटेल टेस्टिंग के बाद यह भारत में डिलीवर कर दिए जाएंगे। डिमिट्री सूगर हेड ऑफ़ रुस्सियन फेडल फॉर मिलिट्री टेक्निकल कॉर्पोरेशन ने बताया कि रशिया में इंजीनियर को उसके अधिकारियों की s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सक्सेस्फुल ट्रेनिंग पिछले काफी समय से चल रही है और फिलहाल भारत की बड़ी संख्या में खरीद की कोई भी बड़ी रिक्वेस्ट नहीं आई है।

वैसे रशिया से पाकिस्तान और चाइना के करीब जा रहा है। उसको देख कर तो लगता है कि रसिया भारत का स्कोर एंड एक मिसाइल डिफेंस सिस्टम टाइम पर डिलीवर कर दे तो वही बड़ी बात होगी। मगर कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि चाइना और पाकिस्तान करीब जाने के बावजूद रशिया भारत और उसे जल्दी डिलीवर करता रहेगा क्योंकि उसका बहुत ही बड़ा एअर्निंग सोर्स है और लेट करने से उसको भविष्य में भारत से कम आर्डर मिल सकते हैं जो कि उसकी अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं होगा।

 

 

भारत और एशिया के बीच संबंध धीरे-धीरे स्टडीज से रिड्यूस होकर हथियारों के बाहर कोषालय जैसे बनते जा रहे हैं। वैसे आपको क्या लगता है कि क्या पाकिस्तान को हथियार बेचने का ऐलान करने के बाद अब रसिया पर भरोसा किया जा सकता है। हां या फिर कभी नहीं नीचे कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं |

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