चीन और रशिया की दोस्ती पर बोले भारत के विदेश मंत्री | PM मोदी क्यों नाराज है रशिया से ?

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका फिर से में दोस्तों इस वक्त की सबसे बड़ी ब्रेकिंग और एक्सक्लूसिव खबर दे रही है। एंटी प्लस न्यूज़ की टीम और जो निकल रही है भारत की विदेश मंत्री SJ शंकर जी से जो पहुंचे हुए हैं रसिया के दौरे परउन्होंने कहा कि यह रिश्ते अगर भारत के साथ खड़े हुए हैं तो ऐसा नहीं है।

 

 

भारत के साथ कटे हुए हैं बल्कि यह रिश्ते, रसिया और यूरेशिया और इसी के साथ BRICS के सम्मिट में भी इसका इफेक्ट आने वाले समय में देखने को मिलेगा। दोस्तों की बातें इस वजह से शुरू हुई क्योंकि वहां पर रसिया के अंदर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही थी और उस समय वहां पर पत्रकारों ने एक सवाल पूछ ले। जय शंकर जी से उन्होंने कहा कि आज चाइना जो एक राइस कर रहा है।

क सुपर पावर के तौर पर उसके ऊपर भारत के क्या भाव हैं। दोस्तों भारत के विदेश मंत्री भारत को रिप्रेजेंट करते हैं और इसी के चलते उसे यह सवाल पूछा गया। भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि यह बात बिल्कुल सही है कि बहुत ही शक्तियों का एक जन्म हुआ। जब पूरी दुनिया के अंदर जो कॉलोनियल रूल हुआ करता था, उसका खात्मा हो गया। उसके बाद चाइना भी एक अलग अलग पावर की तरह पावर में आता है और यह हम कह सकते हैं कि जो आज चीन ने तरक्की हासिल की है, वह ही तरक्की भारत भी हासिल करेगा।

भारत के विदेश मंत्री ने चाइना की जमीनों को हिला कर रख दिया है। भारत के विदेश मंत्री ने दृश्य की जमीन के अंदर चाइना को सख्त संदेश दिया है और उन्होंने कहा है कि चाइना के साथ हमारे रिश्ते अब बिल्कुल ही खराब हो गई है। डिस्टर्ब हो गए हैं और जो हमारी फाउंडेशन थी ना भारत और चीन के रिश्तो की वह इंडिया फाउंडेशन हिल चुकी है और अब ना जाने आगे क्या होगा। दोस्तों पूरी डिटेल से आपको बताते हैं।

 

 

भारत के विदेश मंत्री ने क्या बातें कहीं और किसने क्या सवाल किया है। उन्होंने कहा कि आज 40 साल से भी ज्यादा भारत और चीन के रिश्ते एक टेबल रिलेशन के रूप में थे। लेकिन चाइना जैसे ही दुनिया की सेकंड लार्जेस्ट रेड पार्टनर भारत का बना है और जैसे ही चाइना एक सुपर पावर के रूप में अपने आप को दिखाना चाह रहा है। वैसे ही वह भारत के साथ अपना अग्रेशन दिखा रहा है। ।

उस क्लास में जो एक इंपैक्ट हुआ है उस इंपैक्ट ने भारत के रिश्तो को चाइना के रिस्तो को खड़ा कर दिया है। दोस्तों आज भारत के विदेश मंत्री जितनी मेहनत विदेश नीति को मजबूत बनाने के लिए कर रहे हैं, शायद ही भारत के पहले वाले विदेश मंत्रियों ने इतनी मेहनत की हो क्योंकि भारत के सामने जो एक मुश्किल है, मुश्किल है, बहुत बड़ी है क्योंकि चीन जैसा दूसरा सबसे बड़ी इकोनामिक पावर वाला देश आज भारत का सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है। यही कारण है कि भारत की विदेश मंत्री को आज बहुत सारा जोर लगाना पड़ रहा है। यही कारण है कि भारत विदेशी भारत के विदेश मंत्री अचानक से ही कभी कदर चले जाते हैं। कभी ईरान चले जाते हैं।

कभी कहीं तो कभी कहीं और अब भारत के विदेश मंत्री बहुत पहुंचे हुए हैं। रसिया के दौरे के अंदर उन्होंने कहा कि भारत की जो पेश है, इंटेंसिटी है यानी कि जो स्पीड है, चाइना से थोड़ी सी कम है, लेकिन देर सवेर भारत भी चाइना को काउंटर करने के लिए चाइना के बराबर खड़ा होगा। लेकिन उन्होंने कहा कि जो चाइना का राइज है वह आज इंपैक्ट करेगा। भारत के साथ-साथ चाइना के पड़ोसियों को भी यही कारण है कि भारत के प्रधानमंत्री ने चाइना की सौम्या एनिवर्सरी के ऊपर कोई भी बधाई नहीं भेजी और जय शंकर जी भी रसिया के अंदर चीन को काउंटर कर रहे हैं और उनका साफ संदेश है कि रसिया को किया गया।

 

 

आप चाइना के साथ रिश्ते अच्छे करते हो तो भारत के रिश्ते भी आपके रसिया के साथ खराब होंगे और भारत के विदेश मंत्री ने राष्ट्रीय की धरती के ऊपर साफ कह दिया है कि चाइना के साथ हमारी आप बनती नहीं है और अगर आप रसिया वाले चाइना की तरफ जाओगे तो भारत के रिलेशन भी इंपैक्ट होंगे।

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