क्या श्री लंका में भी है भारत की बनी ट्रैन और बस | मेड इन इंडिया

श्रीलंका ने भारत से 10 अशोक लेलैंड बसेस केवल इसलिए खरीदी थी की जिससे इन दसों बसेस को रेल ट्रांसपोर्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सके ! आज बात करेंगे श्रीलंका में चलने वाले अशोक लेलैंड बसेस के बारे में जिनको श्रीलंका के रेलवेज पटरियों पर चलाती हैं और श्रीलंका में आज भी ये सबसे तेज और सस्ता मॉडर्नtransportation जाता हैं !

कुछ सालों पहले भारत श्रीलंका का मदद करने सामने आया जिसके अंतर्गत लगभग ढाई करोड़ रुपये भारत की तरफ से श्रीलंका को इसलिए दिए गए जिससे श्रीलंका में सिर्फ मर्टीकल और trim को रेल रोड की मदद से जोड़ा जा सके ! रेल रोड के इस प्रोजेक्ट में अशोक लेलैंड बसेस का इस्तेमाल होने वाला था और इन बसेस को श्रीलंका में रेलवे के हिसाब से पटरी पर चलने लायक बनाना था ! इस प्रोजेक्ट का सबसे पहला उद्देश्य ये था की बहुत ही कम कीमत में इन दोनों जगह को जोड़ा जाए और इस ट्रांसपोटिंग सिस्टम को लोगो के लिए सस्ता और तेज बनाया जाए ! 44 मिलियन श्रीलंका रूपीस ने श्रीलंका ने 10 अशोक लेलैंड की बसेस भारत से खरीदी थी और इसके अलावा 22 मिलियन श्रीलंका रुपये के आर्थिक मदद भारत ने अपनी तरफ से इस लिए की थी जिससे इन बसों को d. w की तरह बनाया जा सके ! इन 10 बसेस से कुल 5 रेल बस बनाई गयी और हर रेल बस को 2 अशोक लेलैंड को जोड़ कर बनाया गया जिससे dw ट्रैन की तरह इन दोनों रेल बसेस को दोनों तरफ से चलाया जा सके !

श्रीलंका में वैसे भी कई सालों से अशोक लेलैंड की बसेस लोकल और इंट्रेस्टेड यात्रा में इस्तेमाल की जाती हैं और अशोक लेलैंड की बसेस श्रीलंका के लिए काफी भरोसे मंद साबित हुई हैं और यही कारण हैं की इतने साल बीत जाने के बाद भी ये पाँचों रेल बसेस अभी भी श्रीलंका में रेलवेज में अपनी सर्विसेस दे रहे हैं और इतने सालों बाद भी श्रीलंका के इस रूड पर चाइना की किसी भी रेल बस का इस्तेमाल नहीं किया जाता ! भारत से इन बसेस का एक्सपोर्ट तो हुआ लेकिन इन बसेस को ट्रैक्स पर चलाने के लिए सभी मॉडिफिकेशन्स श्रीलंका में किये गए थे पर ये काम किया था श्रीलंका के वर्कशॉप ने जो श्रीलंका में रत्न मलयालम में स्थित हैं ! इतने सालो तक चलाने के बावजूद भी अभी तक श्रीलंकन ड्राइवर्स ये कहना नहीं भूलते की अशोक लेलैंड की रेल बसेस की मेंटनेस आज भी उतनी ही कम हैं जितनी तब जब ये बसेस श्रीलंका में इंपोर्ट की गयी थी ! बात करें इन अशोक लेलैंड की बसेस की तो इन मेड इन इंडिया बसेस के मॉडल का नाम था वाकिंग जिनकी आज भी भारत के कई राज्यों में इंट्रेस्टिंग बसों के तौर पर इस्तेमाल किया जाता हैं !

श्रीलंका के इन रेल बसेस में 180 hp के डीजल इंजन का इस्तेमाल हुआ हैं और इन इंजन्स को भारत में ही manufacture किया गया हैं ! हम आपको बता दे की इससे पहले भी अशोक लेलैंड को 2014 में श्रीलंकन गारमेंट से 2000 दो सौ बसेस का एक आर्डर मिला था और अशोक लेलैंड को मिले इस ऑर्डर को आज भी कुछ सबसे बड़े एक्सपोर्ट ऑर्डर्स में गिना जाता हैं ! कमाल की बात तो ये हैं की इन रेल बसेस के पार्ट्स के लिए श्रीलंका को भारत पर बिलकुल भी निर्भर नहीं होना पड़ता क्योंकि किसी भी companion के खराब होने पर उनको आसानी से सड़क पर चलने वाली अशोक लेलैंड की बसेस से निकाला जा सकता हैं ! इसलिए आज भी श्रीलंका में पुरानी और बंद हो चुकी अशोक लेलैंड की बसेस के इस crap को पार्ट्स के लिए संभाला जाता हैं ! भारत से श्रीलंका को हुआ ये बहुत ही छोटा मेड इन इंडिया एक्सपोर्ट आर्डर था पर ये बसेस आज भी इतनी कारगार हैं की इनको चलाने में आज भी बहुत ही कम खर्चा आता हैं ! आज के लिए बस इतना ही हम फिर मिलेंगे दूसरे वीडियो के साथ ! अगर आपको हमारी वीडियो अच्छा लगा हो तो इसे लाइक करें और शेयर करें धन्यवाद !

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