कैसे ताइवान ने एक्सपोर्ट में भारत को हराया पढ़िए ये रिपोर्ट

दोस्तों आज बहुत ही सरप्राइजिंग बात हो गई। हमारे साथ हम ताइवान के रिलेटेड न्यूज़ रिसर्च कर रहे थे। इस रिसर्च में हमारे हाथ लग गई है। एक बहुत ही हैरान कर देने वाली रिपोर्ट जो चाइना के मामले में आपको भारत के मीडिया में कहीं भी नहीं दिखाई देती है। वह रिपोर्ट आज हम आपको देने वाले हैं।

 

दोस्तों सबसे पहले तो गूगल मैप पर देखिए। उसके बाद यह रिपोर्ट जाने के यह प्यारा भारत और यह चाइना कितना बड़ा है। भारत से भी बड़ा चाइना है और चाइना से छोटा सा है। यह छोटा सा ताइवान ताइवान की आबादी करीब दो करोड़ की बताई जाती है। 2.36 करोड़ की और यह जो पॉपुलेशन है, बहुत कम है और ताइवान का इलाका भी बहुत कम है।

अगर इसे हम पाकिस्तान से कंपैरिजन कर देना तो पाकिस्तान तो बहुत बड़ा है ताईवान के हिसाब से यह सारी सिचुएशन अब आपको पता लग गई है। अब आते हैं एक न्यूज़ के ऊपर यह वह न्यूज़ है जिसके रिलेटेड हम रिसर्च कर रहे थे। दरअसल दोस्तों ताइवान की सरकार कह रही है कि वह फ्री ट्रेड डील करना चाहती है।

अमेरिका और आस्ट्रेलिया के साथ दोस्ती शायरी कल को देखने के बाद आपके मन में एक सवाल उठेगा कि ताइवान कितना ट्रेड करता है। दुनिया के साथ और दोस्तों इस रिसर्च को करते करते हमारे पैरों के तले से जमीन खिसक गई। आप हमें गैस करके बताइए कि ताइवान जैसा देश कितना ट्रेड करता होगा। दुनिया के साथ आपके गैस के लिए हम आपको एक एग्जांपल भी दिखा देते हैं।

यह इकोनामी आफ पाकिस्तान का एक सारा डाटा है। विकिपीडिया का जिसमें बताया गया है कि चाइना की जो जीडी पाकिस्तान की जो जीडीपी है, 296 बिलियन डॉलर की है और पाकिस्तान जो एक्सपोर्ट करता है सिर्फ 22 बिलियन डॉलर का कहता है पाकिस्तान की गरीबी और उसके अंदर जो हालात ठीक नहीं है, वह सभी बातें मिला भी ली जाए तो भी आप मान कर चलिए कि ताइवान का ट्रेन कितना हो जाएगा।

कितनी गैस आप कर लेंगे? 100 बिलियन डॉलर 200 मिलियन डॉलर 300 मिलियन डॉलर का ट्रेड हो जाएगा। टोटल इससे ज्यादा तो आप गैस नहीं कर सकते ना लेकिन लेकिन आप हैरान रह जाएंगे कि ताइवान ने मोर्चा मार रखा है। ताइवान अकेला चाइना को डेढ़ सौ बिलियन डॉलर का सामान बेच देता है।

पूरी दुनिया में तो उसका सामान जितना जाता है उसका तो कोई आंकड़ा और हिसाब ही नहीं है। दोस्तों यह आंकड़ा देखिए, खुद-ब-खुद चाइना वाले बता रहे हैं। सिन्हुआनेट का जिसमें बताया गया है कि ताइवान एक्सपोर्ट करता है। 151 बिलियन डॉलर का ऑडियो रिकॉर्ड बना है। 2020 के अंदर 151 बिलियन डॉलर का हांगकांग और अगर को मिला लिया जाए और दोस्तों यह सिचुएशन अबे जब ताइवान और चाइना का विवाद चल रहा है

लेकिन फिर भी रेड जो है, धड़ल्ले से चल रहा है। अब दोस्तों इकोनामी ऑफ ताइवान के ऊपर भी आपको लेकर आते हैं। आपके सरप्राइस को ठंडा करते हैं। चाहे जो ताइवान है इसकी जीडीपी 759 बिलियन डॉलर की है और एक्सपोर्ट यह जो करते हैं ना 345 billion-dollar करते हैं। यह छोटा आंकड़ा नहीं है। दोस्तों बहुत बड़ा आंकड़ा है।

सिर्फ एक्सपोर्ट का पाकिस्तान की जितनी इकोनामी है ना 296 बिलीयन डॉलर की है और यहां यह भाई साहब 345 बिलीयन डॉलर का तो एक्सपोर्ट कर देते हैं। दुनिया के अंदर और आबादी है सिर्फ दो करोड़ की क्या भेजते हैं, सेमीकंडक्टर भेजते हैं। पेट्रोकेमिकल्स ऑटोमोबाइल के ऑटो पार्ट्स भेजते हैं और यह सारा सामान भेजते हैं।

यह कंप्यूटर के मामले में यह बात माने जाते हैं। टेक्नोलॉजी का यही कारण है कि इनका एक्सपोर्ट धड़ल्ले से होता है और चाइना सबसे बड़ा खरीद दार है यही कारण है कि ताइवान को पड़ गई है। अब दिक्कत हो क्योंकि चाइना के साथ इनका चल रहा है। 36 का आंकड़ा और इस सिचुएशन में ताइवान देख रहा है कि अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड डील कर दी कर ली जाए और जो समारोह चाइना को भेजते थे,

अमेरिका को भेज देंगे। आस्ट्रेलिया को भेज देंगे। क्या दिक्कत है इनका ट्रेड तो बढ़ना चाहिए। ना और ना जाने अगर चाइना के साथ इनकी बातें सेटल भी हो जाती है तो इस सिचुएशन बहन का जीडीपी बढ़ेगी। इनका एक्सपोर्ट बढ़ेगा। यही कारण है कि ताइवान यह बातें देख रहा है। लेकिन जरूर आप भी सरप्राइस हुए होंगे कि एक छोटा सा देश है।

चाइना से लड़ रहा है ना किसी से डरता है ना घबराता है। चाइना से आंख में आंख डालकर लड़ रहा है। दूसरी तरफ पाकिस्तान है। इतना बड़ा देश है कि फिर भी इतना बड़ा देश होने के बावजूद भी आज ताइवान से यह बहुत पीछे रह गया है और दोस्तों ताइवान का ट्रेड अगर भारत के हिसाब से मैच करके देखे ना तो ताइवान है तो भारत के पसीने छुड़ा रखे हैं।

भारत की कुर्मी देख लीजिए। आप कितनी है भारत की कुर्मी 3 ट्रिलियन डॉलर की है और भारत के हिसाब से अगर एक्सपोर्ट देखा जाए तो 313 बिलीयन डॉलर का है। कितना फिसड्डी है। भारत देख लीजिए। आप यह सिचुएशन है। ताइवान की यह अगर चाइना का हिसाब देखा जाए तो चाइना का भी देख लीजिए। 16 ट्रिलियन डॉलर की कानूनी है और एक सपोर्ट करते हैं।

यह भाई साहब 3 ट्रिलियन डॉलर के आसपास ढाई $10 का आंकड़ा है। यह आप समझ सकते हैं कि सिचुएशन क्या है। भारत की सिचुएशन क्या है और हमें अभी छाती नहीं चोरी करनी चाहिए क्योंकि हमारे जो एक्सपोर्ट है, बढ़ रहा है बल्कि हमें फिक्र करनी चाहिए कि हमारा एक्सपोर्ट इतना नहीं बढ़ रहा है। जितना भारत का साइज है जितने भारत के अंदर कैपेसिटी है। 130 करोड़ की आबादी है यार 90 करोड़ भारतीय युवा है लेकिन फिर भी हम 313 बिल $1 का हे यही वो कारण हे तो हमे कमेंट करके जरूर बताइये

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