एरोप्लेन में ये कुछ भी होता है कोई विश्वास नहीं करेगा

सन 1903 में जब अमेरिकी इंजीनियरऑरविल और विलबरने अविष्कारकिया था तब इन्होने कभी ऐसा कभी नहीं सोचा थाअगर किसी कारण से बीच फ़्लाइट में आसमान किसी कोफ़्लाइट अवेंडन करनी पड़ेकिसी खराबी की वजह से जान बचाने के लिए कूदना पड़े तो कितने प्रतिशत चांस होंगे सर्वावल के मान लीजिए कोई बड़ी वाटर वॉट जैसे कोई झील नदी या समुंद्र दिख जाए कूदने के लिए वो भी कईह ज़ार फिट ऊंचाई से गिरने इन्पेक्ट इतना घातक की जान बचानी मुश्किल हो जाएगी। अगर ऐसे में पैराशूट का सहारा न होतो मौत निचित है।ये लग रहा होगा आपको तो बता दे किआपको राइटब्रदर्स ने हवाई जहाज कीजाँच कि थी तब उन्होंने कभी सोचा नहीं होगा कि 10 किलोमीटर की ऊंचाई से बिना किसी पैराशूट से एक एयरहोस्टेसअपनी जान बचाने में कामयाब हो जाएगी जी हाँ एक ऐसी ही हवाई आपातस्तिथि में रसना वलिक नाम की एयरहोस्टेस ने 10 हज़ार 160 मीटर ऊंचाई सेट्रॉली और एकव्यक्ति की लाश के साथ जम्प लगाई।

और समुन्द्र में घिरकर अपनी जान बचाईइतनी उचाई से गिर कर अपनी जान बचाने गिनीस काफुल रेकॉर्डआज तक नहीं टुटाएक और रोचक बात आपको बताना चाहेंगे अगर किसी यात्रीकी मृत्यु बीच फ्लाइटमें हो जाती है तो उनकी डेडबॉडीअलग जगह रखने काप्रावधान नहीं बल्कि डेड बॉडी को खाली सीट पर बैठा दिया जाता है। और उन्हें कवर किया जाता है। चेहरा खुला रखा जाता है।अगर आपको लगता है किपाइलेटस प्लेन को उड़ाते समय झपकी नहीं लेते है तो ये आपकी बहुत बड़ी गलत फेमीहै 500 इंटरनेशनलपायलेट्स किय गए सर्वे में 43 प्रतिशत पाइलेट्स ने मानाहै कि कई बार प्लेन उड़ाते उड़ाते झपकी ली और 31 प्रतिशत पलेट ने ये मानाहै कि उनकी झपकी लग गयी…और आंखे खुलीतो उनकापो पाइलेट भी नींद में है। बाकि का आप खुद समझलीजिए। अपने अक्सर प्लेंस में लगे ब्लैक बॉक्सेसके बारे मे सुना होगा ये ब्लैक बॉक्स दरअसल फ्लाइट डेटा रिकॉर्ड होते है। जिन्हें किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की जानकारी सेफ हो जाती है। और जैसे नाम है इनका ब्लैक बॉक्स वैसे ये डिवाइस दिखते नहींयेऑरेंज कलरके होते है।और ये ब्राइटऑरेंज कलर हीडेजीसटेंट होता है। साथ ही दुर्घटना की स्तिथि विजिलेटी डीवेजन की वजा सेइसे खोजना आसान होता हैतो यादरखिए की ब्लैक बॉक्स ऑरेंज होता हैब्लैक नहीं.एक और रोचक बात आपके साथशेयर करतेहै किकिसी भी रेगिस्तानडजट से ज्यादा सूखी या ड्राई होती है एरोप्लेन के अंदर की हवा बहुत कम यूनिटी होती है वहाँ बात करे माइलेज के दिवानो की तो आपको जानकार हैरानी होगीकि आपकी रेगुलर कार से भी ज्यादा…माइलेज़ देती है आपकी बोईंग 747 बोईंग हवाई जहाज़ जी हाँ ये एक दम सच है बोईंग 747 एक 11फलयु एक सेकंड में चलता हैं यानि की 5 गेलन एक मील में मतलब एक 11. दशमलव दो मिल जो एक कार होती हैं एक गेलन में 25 मील तक चल सकती हैं लेकिन यह एक कैच हैं एक कार में 5 या 6 आदमी ही बैठ सकते हैं पर 747 हवाई जहज़ में 500 लोगो की बैठने की जगह हैं

उस साब से देखा जाएं तो 747 ज़्यादा फूलफिशन्ट हैं एक कार से फुलफिशन्ट से ज़्यादा बात आई 1985 की जब एक आतदन अपरादी ने एक नॉरवियन 737 को हवाई जहज़ हाईजैक कर लिया था मात्र एक पिस्तौल की मद्त से और केवल एक डिमांड पार पलेन को छोड़ने की बात करी. एयर बस A300 इस जहाज की अधिकतम रफ्तार 1020 किलोमीटर प्रति घंटा है । एयर बस A380 ने अपनी उड़ान 27 अप्रैल सन 2005 में बरी थी । हवाई जहाज की इतिहास में सबसे बड़ी दुर्घटना सन 1977 में हुई थी । यह दुर्घटना दो हवाई जहाजों के बीच अमने सामने टकराने है हुई थीइस दुर्घटना में 500 यात्रीयों की मौत हुई थी । आपको मालूम नही होगा लेकिन आपको बता दे की हवाई जहाज के पॉयलट ओर को पायलट को अलग अलग प्रकार का खाना दिया जाता है । यह इसलिये क्योकि किसी पायलट की तबियत खराब हो जाए तो दूसरा पायलट विमान संभाल सके । है कि नही इंस्ट्रुस्टिंग अगर आप सोचते है कि 1 पायलट की तनख्वाह कितनी होगी तो ज्यादातर पायलट की तनख्वाह उन्हें महीने के हिसाब से नही बल्कि घण्टे है हिसाब से दी जाती है ।

दुनिया के सबसे तेज़ उड़ने वाले हवाई जहाज का नाम क्या है दा कॉर्न कोल्ड दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला हवाई जहाज है । इसे फ्रांस और ब्रिटिश दोनों ने मिलकर तैयार किया था । इसके अधिकतम रफ्तार 2180 किमी प्रति घंटा है । दुनिया मे प्रतिदिन कितने हवाई जहाज उडान भरते है । दुनिया मे प्रतिदिन 2 लाख है ज्यादा हवाई जहाज उडान भरते है ।अगर आपको नही पता भारत का सबसे पुराना हवाई अड्डा कोन सा है जुहू ऐराड्रोन भारत का सबसे पुराना हवाई अड्डा है । इसकी स्थापना 1928 में कई गयी थी । अब है बड़ा ही महत्वपूर्ण ओर अजीबो गरीब सवाल जब हम हवाई जहाज में टॉयलेट करते है तो वो सीधे जमीन पर गिरती है । बचपन मे आपके मन मे यह चीज जरूर आई होगी । की हवाई जहाज की टॉयलेट सीधे जमीन पर गिरती है तो जी नही हवाई जहाज के पास अपना 200 गैलन का टैंक होता है । जिसमे सारि टॉइलट एकत्र होतो है जिसे हवाई अड्डे पर खाली किया जाता है ।….हवाई जहाज के टायर में कितना प्रैशर की हवा बरी जाती है । कई लोगो का मानना है कि लैंडिंग के बाद हवाई जहाज के टायरो को बदला जाता है । हवाई जहाज के टायरों में 200 psi प्रैशर हवा बड़ी जाती है । जिससे चाहे हवाई जहाज 273 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी लैंडिंग करे तो भी उसके टायरों को कोई फर्क नही पड़ता इसीलिए हवाई जहाज के टायर जरूरत पड़ने पर ही बदले जाते है ।आखिर क्यों होता है हवाई जहाज का रंग सफेद क्या आपको पता हवाई जहाज के सफेद रंग होने के पीछे का कारण क्या है । वैसे तो हवाई जहाज के सफेद रंग होने के पीछे के कई कारण है । उनमे से 1 महत्वपूर्ण कारण है कि सफ़ेद रंग हवाई जहाज को सूरज की किरणों से बचाता है । ओर साथ ही हवाई जहाज को ठंडा रखता है। सफ़ेद रंग अन्य रंगों की तुलना में गर्मी को हवाई जहाज से दूर रखता है । अगर आपको नही पता कि दुनिया के पहले नo का पायलट कोन है तो हम आपकोउनका नाम बता देते है मिस्टर विली हरडमैंन थे । उनका जन्म 22 नवंबर 1898 में हुआ था ।

अगर आप नही जानते कि भारत के पहले पायलट कोन थे तो हम आपको बता दे की टाटा इंडस्ट्रीज में मालिक जेरडी टाटा के पिता जी रतन जी दादा भाई टाटा थे । 1 वे इंस्ट्रुस्टिंग बात है निल आर्मस्ट्रांग जब पहली बार चांद पर चढ़े थे तब उनके पास राइट ब्रदर्स के राइट फ्लायर का 1 टुकड़ा था। वेसे तो बहोत से लोगो को अलग अलग चीजो का डर होता ही है जिन्हें इनोफोबिया कहते है लेकिन दुनिया में 5 में से 1 आदमी ऐसा होता है जिसे हवाई जहाज में उड़ने का डर होता है । इस कर को एबियो फोबिया कहते है ।क्या आपको डर लगता है हवाई जहाज में उड़ने से बताइए जरूर । कमेन्ट सेक्शन आप सभी के लिये है ।

 

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