एक समय था जब अनिल अंबानी को सभी मानते थे लेकिन किस कारण से बर्बाद हो गया अनिल अम्बानी

एक ऐसा नाम जिससे डायरेक्टली या फिर इनडायरेक्टली भारत की आधी से अधिक जनसंख्या जुडी हुई हैं ! एक ऐसा नाम जिसकी शुरूआत तो एक पिता ने की थी लेकिन उसे संभालना उनके दो बच्चों को था ! बड़ा बेटा मुकेश अम्बानी और छोटा बेटा अनिल अम्बानी पर ये बात साल 2002 की हैं ! जब इन दो बेटों के पिता धीरू भाई अम्बानी की मौत हो गयी !

दुनियां को लगा की धीरू भाई अम्बानी के बाद उनके दोनों बेटे उनके साम्राज्य का विस्तार करेंगे लेकिन 2 साल बाद ही दोनों भाइयों में छिड़ी जंग को देखते हुए ! धीरू भाई अम्बानी की पत्नी कोकिला बेन ने पूरी की पूरी संपत्ति का दो हिस्सों में बटवारा कर दिया ! बटवारा करने के बाद साल 2007 में छोटे भाई अनिल अम्बानी के पास 45 अरब डॉलर और बड़े भाई मुकेश अम्बानी के पास भी लगभग इतनी ही संपत्ति थी !

दुनियां के सबसे अमीरों के लिस्ट में अनिल अम्बानी ने 6 no पर कब्जा कर रखा था दुनियां के बड़े – बड़े व्यापारियों का मानना था की छोटा भाई अनिल अम्बानी कुछ ही सालों में अपने बड़े भाई को पीछे छोड़ते हुए एक सफल कारोबारी से भी अधिक सफल बन जाएगा !

दुनियां का मानना था छोटा भाई अनिल अम्बानी ही धीरू भाई का सबसे बेहतरीन बेटा हैं लेकिन साल दर साल ऐसा क्या हुआ कि सबसे बेहतरीन बेटा माना जाने वाला अनिल अम्बानी बर्बाद हो गया आखिर ऐसा क्या हुआ की 2007 , 2008 के दौरान पूरी दुनियां की सबसे अमीरों लोगों के टॉप 10 में आने वाला अनिल अम्बानी आज पूरी दुनियां के टॉप 2000 अमीर लोगों में भी नहीं हैं !

आखिर धीरू भाई अम्बानी के छोटे बेटे ने ऐसा क्या किया ! जो अरबो का मालिक होने के बावजूद भी महेस 500 करोड़ के लिए जेल जाने के की नौबत आ गयी ! आखिर उस छोटे बेटे से ऐसी कौन सी गलती हुई ! जिसने उसके हाथ से सब कुछ छीन लिया ! यहां तक की अदालत ने धीरू भाई अम्बानी के छोटे बेटे को दिवालिया घोषित कर दिया !

आज हम आपको इस वीडियो में बताएंगे ! हिन्दुस्तान ही नहीं पूरी दुनियां के सबसे बड़े कारोबारियो में से एक अनिल अम्बानी के अरबपति से दिवालिया बनने तक की कहानी ! जिसे सुनने के बाद आपको भी यकीन हो जाएगा ! सिर्फ पैसा होना ही नहीं बल्कि उस पैसे का सही उपयोग भी बहुत मायने रखता हैं ! 

ये घटना साल 2002 की हैं जब अपनी मेहनत के दम पर तैयार हुए ! हिन्दुस्तान के सबसे बड़े व्यापारिक साम्राज्य में से एक रिलायंस इंडस्ट्री के फाउंडर धीरू भाई अम्बानी की मृत्यु हो गयी ! भारत के कारोबार जगत के लिए बहुत बड़ा झटका था लेकिन धीरू भाई अम्बानी के उन दो बेटों मुकेश अम्बानी , और अनिल के जिंदगी का एक यूटर्न भी था दुनियां भर के लोगों को ये उम्मीद थी की धीरू भाई अम्बानी के इस साम्राज्य को दोनों भाई मिलकर आगे बढ़ाएंगे

लेकिन महेस 2 साल के भीतर ही मुकेश और अनिल अम्बानी के बीच आपसी लड़ाई छिड़ गयी ! आपसी लड़ाई की वजह से दोनों भाइयों के बीच एक बहुत बड़ी दीवार खड़ी हो चुकी थी और जैसे ही इन दो भाइयों की आपसी लड़ाई बाहर आई ! वैसे ही इन दोनों की माँ कोकिला बेन ने इंटरफेर करते हुए धीरू भाई अम्बानी के साम्राज्य को दो हिस्सों में बटवारा कर दिया !

मुकेश अम्बानी और अनिल अम्बानी को अपने पिता धीरू भाई अम्बानी को विरासत में एक बड़ा कारोबारी साम्राज्य मिल चुका था ! हैरानी की बात तो ये थी कि छोटा भाई होने की वजह से अनिल अम्बानी को वो सभी चीजे मिल गयी ! जिसकी वो जिद कर रहे थे लेकिन बड़ा भाई मुकेश अम्बानी के हाथ में टेली कॉम कारोबार निकलकर छोटे भाई अनिल के हाथों लग गया !

जब कि रिलायंस के टेली कॉम इंडस्ट्री को खुद मुकेश अम्बानी ने इतना बड़ा किया था लेकिन बड़ा भाई होने की वजह से मुकेश अम्बानी ने खामोश रहना सही समझा ! जानकारों की आने ते यही वह वजह हैं जो मुकेश अम्बानी को कामयाब होने में इतना अधिक वक्त लग गया ! धीरू भाई अम्बानी की पत्नी कोकिला बेन ने मुकेश को आयल रिफाइंडरीज और पेट्रो केमिकल का कारोबार सौंप दिया !

वही दूसरी तरफ छोटे बेटे अनिल के हिस्से में टेलीकॉम , फाइनेंस और एनर्जी inets आ गयी ! इतना ही नहीं कोकिला बेन को मालूम था की वो वक्त आएगा ! जब उन दो बेटों में ही कारोबारी टकराव शुरू हो जायेगा ! इसलिए कोकिला बेन ने इन दोनों भाईयों से एक समझौते पर हस्ताक्षर करवाया !

जिस पर लिखा था की दोनों भाइयों के लिए 10 सालों तक एक दुसरे से कम्पटीशन नहीं करेंगे ! यानि की अगले 10 सालों तक मुकेश टेलीकॉम सेक्टर के कारोबार में पैर नहीं रखेंगे ! जब कि अनिल ऊर्जा , और पेट्रोल केमिकल के बाजार से दूर रहेंगे !

बटवारे के कुछ सालों तक अनिल अम्बानी के लिए स्थितियां अनुकूल थी लेकिन कुछ वक्त बाद अनिल अम्बानी के पतन की भी शुरुआत होने लगी वही दूसरी ओर बड़ा भाई मुकेश अम्बानी धीरे – धीरे ही सही लेकिन मुकेश सफलता की ओर बढ़ने लगे दुनियां भर के तमाम विशेषज्ञ ये मानते रहे की अनिल के पास एक गजब का जोश हैं ! 

वो 21 वीं सदी का सबसे बेहतरीन कारोबारी हैं और उसके लीडर शिप में भारत से एक बहुराष्ट्रीय कंपनी उभरेगी ! पूरी दुनियां मानो अनिल अम्बानी के कदमो में थी और दुनियां जीतने के लिए अनिल अम्बानी को बस चंद छोटे कदम बढ़ाने थे ! ज्यादातर लोगों को ऐसा ही लगता था की अनिल अम्बानी अपने आलोचकों और बड़े भाई को गलत साबित करने जा रहे हैं ! मगर अफ़सोस ऐसा नहीं हो सका !

विशेषज्ञों को मानना था की छोटा भाई अनिल अचानक से इतना अधिक संपत्ति का मालिक बनने की वजह से वो संभल नहीं पाया वो अपने सोचने समझने की शक्ति लगभग खो चूका था ! अनिल उस हर उन सेक्टर में पैसे बहाना शुरू कर दिया ! जो उसे पसंद आता था फिल्म इडस्ट्री , इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री , यहां तक की अनिल अम्बानी ने political वर्ल्ड में भी इंटरफेयर करना शुरू कर दिया था !

अनिल अम्बानी ने उन सेक्टर में हाथ अजमा रहे थे ! जिसमें भारी भरकम पैसा लगाने की जरुरत पड़ती थी और अनिल अम्बानी बिना सोचे समझे ये नयी नयी चीजों में पैसा लगाते जा रहे थे लेकिन अनिल एक बार जो फिसले तो बस फिसलते ही चले गए ! इसकी एक बड़ी वजह यह थी की उनके पास कोई ऐसा धंधा नहीं था ! जिससे लगातार कैश आते रहे !

अनिल के हाथ टेलीकॉम सेक्टर आया जिसमें भरपूर विस्तार की संभावना थी लेकिन मुनाफा कमाने के लिए पहले भारी भरकम पैसा लगाने की जरुरत थी ! रिलायंस पावर भी कोई बहुत बड़ी कंपनी नहीं थी और उसे चलाने के लिए बहुत अधिक पैसे लगाने की जरुरत थी ! उन्होंने इंटरटेनमेंट की दुनियां में हाथ आजमाते हुए हॉलीवुड फिल्म मेकर स्टीवन स्पीलबर्ग की कंपनी ड्रीमवर्क्स 83 . 5 करोड़ डॉलर में खरीद लिया !

आसान शब्दों में समझे तो मुकेश का बिज़नेस लगातार पैसे बना रहा था ! जब कि छोटे भाई अनिल के हर बिज़नेस को बढ़ने के लिए भारी भरकम पैसों की जरुरत थी ! वही दूसरी तरफ दोनों भाइयों के बीच कम्पटीशन न करने वाली डील की समय सीमा ख़त्म होने वाली थी ! यानि की कुछ ही सालों में दोनों भाई एक दूसरे को टक्कर देने के लिए मार्केट में उतर सकते थे !

छोटे भाई अनिल अम्बानी ने ऐसा कुछ भी प्लान नहीं किया लेकिन बड़ा भाई मुकेश अपने पसंददीदा सेक्टर टेलीकॉम में उतरने की पूरी तैयारी कर लिया था ! मुकेश अम्बानी ने इस मौके को भुलाते हुए तुरंत मोबाइल मार्केट में उतारने का फैसला किया और इसकी तैयारी में अगले सात साल में उन्होंने 250 लाख करोड़ रुपये लगा दिए और नयी कंपनी रिलायंस, jio इंफो कॉम के लिए हाई स्पीड 4g नेटवर्क पूरी तरह से तैयार किया !

मुकेश अम्बानी ने बिना शोर शराबा किये रिलायंस jio के नाम से हाई स्पीड इंटरनेट और फ्री कॉलिंग के प्लान को देश के कोने – कोने में फैला दिया और रिलायंस जिओ के लॉन्च होते ही एक झटके में देश के गांव -गांव तक इस नयी कंपनी की पहचान बन गयी !

वही दूसरी तरफ बिना सोचे समझे हर नयी इंडस्ट्री में पैसा लगाने वाले अनिल अम्बानी लगातार लुढ़कते जा रहे थे ! साल 2007 में अनिल अम्बानी जहां पूरी दुनियां के सबसे अमीरों के लिस्ट में 45 बिलियन डॉलर संपत्ति के साथ 6 no पर कायम थे 2018 आते – आते अनिल अम्बानी की संपत्ति सिर्फ और सिर्फ 2 . 4 बिलियन डॉलर रह गया और अमीरों के लिस्ट में वो 60 अंक पीछे 66 वें no पर आ गए !

रिलायंस jio के लॉन्च होने के बाद साल 2018 में टॉप कम्पनीज के लिस्ट में अनिल अम्बानी के टेलीकॉम का नाम गायब हो चूका था इसकी साथ ही कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा था जो आज बढ़कर लगभग 45 हजार करोड़ तक पहुंच चूका हैं ! हलात ऐसे हो गए की आज अनिल अम्बानी के सभी कम्पनीज की मार्केट वैल्यू 4 अरब डॉलर हैं और वही मुकेश अम्बानी की रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड की वैल्यू 98 . 7 अरब डॉलर हैं !

कभी विदेश के सबसे अमीर आदमियों में शामिल रहे अनिल अम्बानी अब कंगाल हो चुके हैं ! अनिल अम्बानी की हालत महेस 2 – 4 सालों में ही नहीं हुई बल्कि 12 साल में उन्हें एक के बाद एक झटके लगे हैं ! अब हलात यहां तक पहुंच गए हैं की अनिल अरबपतियों के सूची में टॉप 2000 लोगों में भी इनका नाम नहीं हैं ! दरअसल बटवारे के वक्त अनिल अम्बानी के हिस्से में जो भी कंपनी आई उन्होंने उन पर कम ध्यान दिया !

जब कि दूसरे नए क्षेत्रों और नए प्रोजेक्ट में जमकर पैसे बहाये और खराब कारोबार की वजह से एक के बाद एक उनकी कम्पनीज डूबती चली गयी ! कुछ कंपनिया दिवालिया हो गयी कुछ को बेच दिया गया ! साल 2017 में रिलायंस के कम्युनिकेशन्स ने अपना वायर लाइन्स बिज़नेस बंद कर दिया !

साल 2019 में रिलायंस कैपिटल ने अपना mutual फंड बिज़नेस बेच दिया ! साल 2020 की शुरुआत में रिलायंस पावर 685 करोड़ का लोन चुकाने में डीफॉल्ट हो गयी ! इसके आलावा रिलायंस इंफ़्रा करीब 150 करोड़ रूपए के कर्ज में फस गयी ! इस तरह अनिल अम्बानी को एक के बाद एक झटके मिलते गए !

 

 

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