एक शापित जहाज जो सालो से अपनी मंजिल के तलाश में भटक रहा है

आज  हम बात करेंगे एक ऐसे मिस्टीरियस जहाज के बारे में जिसने कई सौ सालों पहले अपनी यात्रा शुरू तो की लेकिन कभी उस यात्रा को खत्म नही कर सका और आज भी यह मिस्टीरियस जहाज समुद्री जहाजों को दिखाई देता रहता है लेकिन समुद्र में इस जहाज का दिखना एक ऐसी बदनसीबी है जिसका सामना कोई नही करना चाहता माना जाता है की इस जहाज का दिखाई देना एक बुरा संकेत है !

आज तक जिनको भी यह जहाज दिखाई दिया है उन जहाजों और जहाजियों के साथ कुछ न कुछ जरूर बुरा हुआ है ! 11 जुलाई 1881 को HMS वखाटे नाम के एक जहाज में किंग जोर्ज V अपने भाई एल्वर्ट विक्टर के साथ यात्रा कर रहे थे अपनी यात्रा में ऑस्ट्रेलिया समुद्र के पास लगभग सुबह 4 बजे उन्हें दूर समुद्र में एक तेज लाल रोशनी दिखाई दी और फिर अचानक उस लाल रोशनी में एक जहाज प्रकट हुआ और फिर कुछ ही देर में वो रोशनी और जहाज दोनों ही गायब हो गए ! शिप पर मौजूद लगभग 13 लोगों ने इस जहाज को अचानक प्रकट होते हुए और गायब होते हुए देखा था जहाज पर मौजूद लोगों को यह अंदाजा हो चूका था की उन्होंने अभी अभी कुछ मिस्टीरियस देखा है लेकिन वो शातिर जहाज फ़्लाइंग टच में था इसका पता उन्हें तब लगा जब ठीक उसी सुबह HMS वखाटे के उस क्रू मेंबर की जहाज पर ही दर्दनाक मौत हो गई जिसने सबसे पहले उस मिस्टीरियस जहाज को देखा था ! उन लोगों ने यह मान लिया की फ्लाईंग डच मेन के दिखाई देने की वजह से यह अपशगुन हुआ है ! वहीँ फ़्लाइंग डच मेन जिस की दहशत एक समय पूरे अफ्रीकन C पर थी दहशत भी इतनी की समुद्री यात्रा से पहले जहाजी यात्रा के दौरान मौसम साफ़ रहने की प्रार्थना किया करते थे क्योंकि ऐसा माना जाता था की खराब मौसम के दौरान लोगों को यह भुतिया जहाज हवा में उड़ता हुआ दिखाई देते था ऐसा माना जाता था की जिस किसी को भी यह जहाज दिखाई देता था उसके साथ कुछ न कुछ बेहद गम्भीर और विनाशकारी घटना जरूर होती थी ! द फ़्लाइंग डच मेन की ऐसी ही कई मिस्टीरियस साइटिंग का दावा आज तक अलग अलग जगहों पर अलग अलग लोगों ने किया है ! ऑथर निकोलस मोंसरेट ने अपने नोवल THE क्रुअल सी में , वर्ल्ड वॉर टू के दौरान इस भूताह जहाज को स्पेस्फिक ओशन में दिखाई देने का दावा किया था जब वो रॉयल नेवी में , नेवी ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे !

वर्ल्ड वॉर टू के दौरान ही एक जर्मन सबमरीन ने भी इस घोस्ट शिप को देखने का दावा किया था और ऐसे ही दावे साउथ अफ्रीका के केपटाउन के निवासियों केपप गुड होथ के रास्ते सफर करने बाले जहाजों ने भी किया था लेकिन यह जहाज कहाँ से आता था और कहाँ गायब हो जाता था इस बात की मालूमात किसी को भी नही थी कई लोग इसे एक मिथ मानते थे और कई लोग इसे एक डरावनी सच्चाई लेकिन असल सच्चाई क्या है इसका दावा आज तक कोई नही कर पाया है ! द फ़्लाइंग डच मेन शिप वर्चस्व में कैसे आया और क्या था उसका इतिहास इसके अलग अलग जगहों पर अलग अलग संस्करण पाए जाते है लेकिन एक आमधारणा के अनुसार फ़्लाइंग डच मेन वास्तव में एक वैसल था जिसके कैप्टन का नाम था हेंड्रिक डेकन ! सन 1641 में कैप्टन हैंड्रिक डेकन अपने शिप को होलेंड से ईस्ट इंडीज की ओर व्यापारिक यात्रा के लिए लेकर निकले और अपनी सफल यात्रा के बाद घर वापसी लौट रहे थे लेकिन वापस लौटते वक्त बीच रास्ते में ही कैप्टन हैंड्रिक ने रूट में कुछ बदलाव कर दिए और शिप को केपप गुड होथ की ओर मोड़ने का आदेश दे दिया क्रू मेंबर कैप्टन हैंड्रिक के इस फैसले से बेहद न खुश थे क्योंकि वो जल्द से जल्द वापस अपने घर पहुंचना चाहते थे लेकिन कैप्टन हैंड्रिक ने किसी की भी एक नही सुनी और जहाज को केपप गुड होथ की ओर आगे बढ़ते रहने का आदेश दे दिया लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ देर बाद इस जहाज का सामना एक भयानक तूफ़ान से हुआ जिसने इस शिप को मिस्तनाबुत कर दिया और अंत में कैप्टन हैंड्रिक उनका जहाज और सभी क्रू मेंबरस को उस भयावह समुद्र ने निगल लिया इस दुखद त्रासदी का असली जिम्मेदार कैप्टन हैंड्रिक को ही माना गया उन क्रू मेंबर्स की बददुआओं ने इस शिप को एक श्रापित जहाज बना दिया जो हमेशा किनारे की तलाश में भटकता रहता है ! इस कहानी के अलावा इस शिप की भुताह हो जाने की अन्य कई कहानियां लोगों में प्रचलित है लेकिन भले ही इस शिप की श्रापित और भुताह होने की असल कहानी कोई हो पर इसका सामना करने बालों का हश्र एक जैसा ही होता है ! इन अवधारणाओं के विपरीत अगर मोडर्न साइंस की दृष्टि से फ़्लाइंग डच मेन घोषित की साइटिंग को देखा जाए तो इन रहस्यमय साइटिंग को साइंस के एक छोटे से फिजिक्स फिनोमिना द्वारा समझा जा सकता है जिसका नाम है FATA MORGANA जोकि वास्तव में एक मिराज होता है !

मिराज एक तरह का भ्रम होता है जिसमे लाईट रेस के बेंग होने और रिफ्रेक्शन के कारण यह दृश्य भ्रम पैदा होता है ! FATA MORGANAभी ऐसा ही एक मिराज है जिसमे समुद्री सतह के अलग अलग एयर टेम्प्रेचर और पृथ्वी के होराजन पर लाईट के बेंग होने के कारण ऐसा ऑप्टिकल इल्यूजन बनता है मानो दूर कोई जहाज हो लेकिन असल में वहां कुछ नही होता ! फिजिक्स का यह सिधान्त यह समझाने में अभी भी विफल है की फ़्लाइंग डच मेन को देखने बाले लोगों की मौत होने और उनके पागल हो जाने की असल वजह क्या है ! तो क्या फ़्लाइंग डच मेन से जुड़ी इन घटनाओं में वाकई कोई सच्चाई हो सकती है या यह कोई इन्सिडेन्स की महज एक श्रृंखला ही है ? क्या वाकई ही फ़्लाइंग डच मेन एक श्रापित जहाज है या सिर्फ एक मामूली सा भौतिक सिधांत ? क्या यह सब सच है या सिर्फ एक मिथ ? आपको क्या लगता है आप अपनी राय हमारे साथ कमेंट्स के द्वारा जरूर शेयर करें और हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करना न भूलें ! आज के विडियो में वस इतना ही बहुत जल्द मिलेंगे एक नए रहस्य एक नए मिस्ट्री के साथ तब तक के लिए अलविदा !

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