एक बच्चे और उसके दोस्त के साथ जंगल में ऐसा किसने किया

कहते हैं कि इंसान के दिल में अगर प्यार हों तो वो किसी को भी अपना बना सकताहैं। ये कहानी भी कुछ ऐसी हैं जहां पर इस दुनिया के सबसेखतरनाक और सबसे तेज भागने वाले जानवर को एक बच्चा अपना दोस्त बना लेता हैं। इस कहानी की शुरुवात में कुछ शेर एक चीता का पीछा करके उसे मार देतेहैं। इस चीते की कुछ बच्चे भी होतें हैं जो अब अनाथ हो चुके। है और इन्ही बच्चों में से एक बच्चा रात को जाल पार करके सड़क पर पहुंचजाता हैं और तभी सामने से एक गाड़ी आती हैं। वो इस बच्चे को देख लेते हैं। इस गाड़ी मेंजैन नाम का एकबच्चा हैं और उसके साथ उसके पिता भी हैं वो दोनों चीते के बच्चे की पास जाते हैं। उसे उठा लेते हैं ये जानते हैं की सड़क पर रात भरकई गांडियां आती हैं और अगर इन्होने इस बच्चे को यहां पर छोड़ा तो ये किसी गाड़ी के नीचे आ जायेगा। इसीलिये ये इसेअपने घर पर ले आते हैं लेकिन जैन के पिता का इसचीते के बच्चे को अपने पास रखनेका कोई भी इरादा नहीं होता हैं। परजब कुछ दिन वे इनके पास रहता हैं तो उन्हें भी इससे प्यार हो जाता हैं और वो ये फैसला करते हैं कि जब तक ये पूरी तरह से बड़ा नहीं हो जाता ये इसे अपने घर पर ही रखेंगे और अब जैन उस चीते केबच्चे का नाम ड्यूमारख देता हैं। धीरे धीरे वक्त बीतता हैं और ड्यूमा अब बड़ा होना शुरू हो जाता हैं। जैन अब अपने पड़ोस में ही रहने वाले लड़के के साथ ड्यूमाको दौड़ना भी सिखाता हैं। वो दोनों मोटर साइकिल पर होते हैं और ड्यूमाउनका पीछा करता हैं लेकिन उसकी स्पीड इतनी तेज होती हैं की वो फुल स्पीड से अपनी मोटर साइकिल चलाते हैंतो भी वो उससे आगे नहीं निकल पाते। वक्त बीतने के साथ ड्यूमाअब पूरी तरह से ग्रो हो चूका हैं और एक दिन जैन के पिता कहते हैं कि अब हमे ड्यूमाको उसी जगह छोड़ना होगा जहाँ से हम इसे लाये थे। ये इसका घर नहीं हैं। इसका असली घर वही हैं। यहां पर सरवाईफ नहीं कर सकता।

जैन अपनेपिता से कहता हैं की अब ये वाइल्ड नहीं बनना चाहता ये हमारे साथ रहना चाहता हैं और वैसे भी अब चीता बहुत कम बचे हुए हैं। उसके डैड नक़्शे पर कुछ जगहों पर निशान लगाते हैं और वो कहते हैं कि इस जगह हमे ड्यूमामिला था और यहां पर आज भी बहुत सारा चीताहैं ये जगह ड्यूमाके लिए स्वर्ग की तरह हैं। अगर तुम चाहते हो कि ड्यूमाअपनी असली जिंदगी जियेजिसलिये वो पैदा हुआ हैं तो हमे उसे वहां छोड़ना होगा। जैन अपनी पिता की बात समझ जाता हैं और वो इस बात के लिए एग्री हो जाता हैं। लेकिन इससे पहले की ये ड्यूमाको उस जगह लेकर जाते जैन के पिता की तबियत ख़राब हो जाती हैं और उनकी मृत्यु हो जाती हैं। उनकी मृत्यु के बाद जैन की माँ कहती हैं की इस जगह को हमें लीज को देना होगा और यहां से हमें शहर शिफ्ट होना होगा जहां पर मैं जॉब करूंगी क्योंकिइसके अलावा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं हैं। हालांकि जैन ऐसा नहीं चाहता लेकिन उसकी माँ जो कह रही हैं वो ठीक कह रही हैं और अब जैन उसकी माँ और ड्यूमाये तीनो के तीनों शहर में शिफ्ट हो जाते हैं। यहां पर जैन का स्कूल में एडमीसन करवाया जाता हैं और जब जैन की माँ जैन को स्कूल से लेने के लिए जाती हैं तो ड्यूमाभी घर से निकलकर उनकीगाड़ी का पीछाकरना शुरू कर देता हैं और वो भी स्कूल में पहुंच जाता हैं जैन ड्यूमा को देख लेता हैं। लेकिन जैन का टीचर जैन को क्लास से बाहरनहीं जाने देता और अगले पल बाहर शोर मचना शुरू हो जाता हैं क्योंकिबच्चों ने इस चीता को यानि कि ड्यूमाको देख लिया होता हैं ड्यूमाभी अब भागना शुरू कर देता हैं और जैन अपने ड्यूमाको ढूंढते ढूंढते वाशरूम में पहुंच जाता हैं जहां पर कुछ बच्चें उसे परेशान करना शुरू कर देते हैं।

यहां पर ड्यूमाभी होता हैं और जैसी ड्यूमाबाहर आता हैं वो बच्चे उससे डर जाते हैं। उनके हाथ से वो पैसे भी गिर जाते हैं जो उन्होंने दूसरों से छीनें थे ये सारे पैसे जैन अपने पास रख लेताहैं और अब जैन और ड्यूमायहां से भागना शुरू करते हैंक्योंकि उनके पीछे सेक्योरिटी वाले होते हैं जो ड्यूमाको पकड़ना चाहते हैं और अब ये भागते भागते शहर के बाहर पहुंच जाते हैं और अब जैन ये जानता हैं की वो घर ड्यूमाको लेकर गया तो उसे पकड़ लिया जायेगा। इसीलिये वोफैसला करता हैं की जो उसके पिता ने और उसने डिसाइड किया था कि वो ड्यूमाको उसी जगह छोड़ आयेंगे जहां पर वो मिला था जो उसका असली घर हैं।वोअबखुद ड्यूमाको उस जगह लेकर जायेगा। सीधे वो अपनीपिता कीमोटर साइकिल पर ड्यूमाको बिठाकर घर से निकल जाता हैं और गराज में अपनी माँ के लिए चिट्ठी लिख जाता हैं कि मैं ड्यूमाको छोड़ कर वापस आ जाऊंगा और अब ये दोनों के दोनों अपने एक ऐसी सफर में जो बहुत मुश्किल हैं काफी दूर जाने के बाद जैन मैप देखता हैं ये वहीँ मैप हैं जिस मैप पर उसके पिता ने निशान लगाया था कि उन्हें ड्यूमाको कहांछोड़ना हैं और वो देखता हैं की अभी भी उनका सफर बहुत लंबा हैं वो ड्यूमाको अपनी बाइक पर बिठाकर अब यहां से और आगे निकल जाता हैं लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उनकी गाड़ीका पेट्रोल पूरी तरह से ख़त्म हो जाता हैं। जैन अब अपनी बाइक कोधक्का देते हुए यहां से आगे बढ़ता हैं। ये पूरी तरह से एक बीहड़ है दूर दूर तक उसे कुछ भी नहीं दिखता पर जब ये कुछ और आगे बढ़ते हैं। तो इन्हे क्रैश प्लेन दिखता हैं और जैन और ड्यूमाआश्रा लेने के लिए वहां पर चले जाते हैं इनके पास ना खाना हैं ना पानी और ना ही इनकी गाड़ी में पेट्रोल ये दोनों बहुत थक भी गए होते हैं। इसीलिये ये यहां पर आराम करने का फैसला करते हैं और जब ये आराम कर रहे।तभी यहां पर एक आदमी आता हैं। इस आदमी का नाम रिप हैं ये एक ड्रिफ्टर हैं जो एक जगह से दुसरी जगह बिना किसी मकसद बिना किसी काम के घूमता रहता हैं। ये जैन की मोटर साइकिल लेकर यहां से जाना चाहता हैं और जब वो उसे स्टार्ट कर रहा होता हैं तो जैन मोटर साइकिल की आवाज सुनकर बाहर आ जाता हैं। जैन रिप सेपूछता हैं कि तुम क्या कर रहे हों रिप उससे कहता हैं की मैं साऊथ जा रहा हूँ। तुम्हें इसमेंकोई प्रॉब्लम हैं। जैन उसे कहता हैं कि हम वैश्यजा रहे हैं। रिप उससेकहता हैं हम कौन क्या तुम्हारे साथ कोई और भी हैं और तभी ड्यूमाबाहर निकलता हैं और रिप जब ड्यूमाको देखता हैं तो पूरी तरह से घबरा जाता हैं। जैन रिप से कहता हैं क्या तुम्हारे पास पानी हैं।

 मैं तुम्हे राइड दे सकता हूँ यानि कि अपने मोटर साइकिल पर अपने साथ आगे लेकर जा सकता हूँ और वो उसे पीने के लिए पानी देता हैं। रिप उससे पूछता हैं की चल क्यों नहीं रही येरिप उसे बताता हैं कि क्योंकिइसमें पेट्रोल नहीं हैं और जैन के पास एकआईडियाहोता हैं। अंदर इन्हे एक पैराशूट मिलता हैं जो वो अपने बाइक के आगे लगा देता हैं और हवा जब पैराशूट के अंदर भारती हैं तब वो इनकी बाइक को आगे धकेलना शुरू कर देती हैं अब इनकी बाइक एक डेजर्ट्सील वोर्ट बन चुकीहैं दरअसल ये सब उसके पिता ने उसको सिखाया होता हैं और ये बहुत लंबा सफर इसी बाइक से इसी तरह से तय करते हैं और जब आगे झाड़ियाँ आ जाती हैं तो इन्हे मजबूरी में अपनी बाइक को वहीं पर छोड़ना पड़ता हैं। ये तीनों के तीनों अब बहुत प्यासे हैं। रिप कहता हैं की मैं पानी का कुछ इंतजाम करताहूँ और वो एक सही जगह देखकर वहांखोदना शुरू कर देता हैं और बहुत गहरा गड्ढा करने के बाद भी वहां पानी निकल जाता हैं और अब ये पानी पीकर अपनी प्यास बूझाते हैं वहींभूखे भी होते हैं और तभी इन्हे एक शुतुरमुर्ग दिखताहैं जैन ड्यूमाको जंगल के कानून सीखाना चाहताउसे शिकार करना सीखाना चाहता हैं ताकि जबवो उसे छोड़े वो अपने लिए खाने का इंतजाम कर सके वो उसे शुतुरमुर्ग के पीछे भेजता हैं लेकिन ड्यूमाने आज से पहले कभीशिकार नहीं किया इसीलिये वो उसे पकड़ नहीं पाता। लेकिन वोउसके अंडे ढूढ़ लेता हैं जिन्हे खाकर ये अपनी भूख मिटाते हैं। इसके बाद जैन रिप को मैप में बताता हैं की वो कहांजाना चाहता हैं। रिप कहता हैं कि जिस जगह तुम जाना चाहते हो वो यहां से बहुत दूर हैं। वहां जाने का मतलब मौत हैं। जैन कहता हैं कि मैं डरता नहीं हूँ। रिप उसे कहता हैं की तुम्हे डरना चाहिए और कुछ देर सोचने के बाद रिप जैन को कहता हैं की ठीक हैं मैं तुम्हे आधे रास्ते तक ले जाऊंगा लेकिन उसके बाद मैं अपने रास्ते निकल जाऊंगा और अब ये तीनों के तीनों यहांसे आगेबढ़ना शुरू करते हैंलेकिन जब जैन अपने कम्पसमें देखता हैं की वो वैश्य की तरफ नहीं बल्कि नार्थ की तरफ जारहें हैं लेकिन वो फिलहाल रिप को कुछ नहीं कहता।

येआगे पहुँचते तो वहां पर इन्हे कुछ खन्डर देखते हैं और तभी आसमान में एक हेलीकॉप्टर भी आता हैं। दरअसलये हेलीकॉप्टर जैन को ढूंढने के लिए आया हैं। रिप उसे छुपने के लिए कहता हैं और तीनों के तीनों अंदर छुप जाते हैं। हेलीकॉप्टर वापस चला जाता हैं। ये पूरी रात उसी जगह पर गुजारतेहैं और अगलीसुबह जब यहां से निकल रहे होते हैं तभी रिप को वहां पर हीरों की एक छोड़ी हुई खान दिखती हैं और वो उसके अंदर चला जाता हैं। बाहर जैन भी ड्यूमाको लेकर यहां सेनिकल रहा होता हैं। क्योंकि वो जानते हैं किरिप उन्हें सही रास्ते से नहीं ले जा रहा लेकिन इससे पहले की यहां से निकलते अंदर से रिपचिल्लाने की आवाज आती हैं और जब जैन अंदर जाता तो देखता की वो पूरी तरह से मिटटी के अंदर धसा हुआ हैं वो उसके मुँह के ऊपर से मिटटी हटाता हैं लेकिन वो पूरी तरह से उसे मिटटी से बाहर नहीं निकालता क्योंकि अगर उसने उसे मिटटी से पूरी तरह से बाहर निकाला तो वो जबरदस्तीउन्हें अपने साथ ले जायेगा। इसीलिये वो उसके हाथ मिटटी से निकाल देता हैं और वोरिपको कहता हैं की मुझे पता हैं कि तुम हमें शहर ले जा रहे हों ताकि मुझे वापस करके तुम्हे इनाम मिले और साथ ही साथ तुम ड्यूमाको बेचना चाहते हो और अब जैनअकेला ही ड्यूमाको यहां से वैश्य की तरफ ले जाता हैं। यहीं नदी के किनारे पहुंच जाते हैं और जैन डिसाइड करता हैं की नदी से आगे बढ़ेंगे। इसीलिये वो लकड़ी का एक बेड़ा बनाता हैं और इस बेड़े पर अब दोनों के दोनों बैठ जाते हैं और जैसे ही ये लकड़ी बेड़े पर पानी से बहते हुए आगे बढ़ते हैं। तो ये पानी एक झरने में बदल जाता हैं और दोनों के दोनों गिर जाते हैं लेकिनकी जान बच जाती हैं और अब ये दोनों के दोनों एक जंगल में ये दोनों भूखे भी हैं यहां पर बहुत सारी जंगली भैसें भी होते हैं और ड्यूमाउनका शिकार करने की कोशिश करता हैंलेकिन वो इतने बड़े भैसों का शिकार नहीं कर सकता क्योंकि उसे शिकार करना नहीं आता वो भैसें उसे भगा देते हैं और यहां पर ड्यूमा औरजैन एक दूसरे से अलग हो जाते हैं हालांकि जैन उसे ढूंढने की कोशिश भी करता हैं लेकिन वो उसे नहीं मिलता क्योंकि वो इंसानों द्वारा लगाए गए एक पिंजरे फस गयाहोता हैं और अब यहां पर रात हो जाती हैं। जैन ड्यूमाको ढूंढ रहा होता हैं और तभी एक जंगली सुवर उसे मारने के लिए उसके पीछे पड़ जाता हैं। जैन उसके आगे भाग रहा होता हैं और तभी उसका पैर किसी चीज पर अटकता और वो गिर जाता वोबेहोश हो जाता हैं और जब रात को उसकी आँखें खुलती हैं। तो उसके सामने रिप बैठा होता हैं। जिसने ड्यूमाको भी पिंजरे से निकालदिया होता और साथ ही साथ उसने जैन की भी जान बचाई होती हैं। अगली सुबह जैन रिप से माफी मांगता हैं क्योंकि वो उसे वहां पर छोड़ आया था।

जैन उससे कहता हैं की तुमने ठीक सोचा था मैं यहीं सोच रहा था की तुम दोनों के बदले कितने पैसे कमा सकता हूँ लेकिनऐसा नहीं करना चाहता। वो इन दोनों की मदद करना चाहता हैं। वो उसे अपने बारे में बताता हैं की वो अपना गांव परिवार सबकुछछोड़कर बड़ेशहर में चला गयाताकि वो पैसे कमा सके लेकिन वो पैसे नहीं कमा पाया उसे जेल हो गयी। और अब वो दुबारा कभी भी वापस जेलनहीं जाना चाहता। यहां पर ये तीनों के तीनों भूखे होते हैं। इसीलियेशिकार करने की कोशिश भी करते हैं लेकिन ड्यूमाएक बार फिर से हिरन का शिकार करने से चूक जाता हैं। ये कहते हैं की अब इन्हेयहां पर भूखा ही रहना होगा और तभी ये देखते हैं की यहां पर कुछ लोग कैंपिंग करने के लिए आये होते हैं। जिनके पास बहुत सारा खाना होता हैं और ये दोनों एक प्लान बनाते हैं। जैन उनके पास एक जख्मी लड़के की तरह जाता हैं और जब वो उसकी शर्ट खोलते हैं तो उसके शर्ट के अंदर सांप होता हैं वो सांप को देखकर वोसभी लोग वहां से भाग जाते हैं और जैन रिप इनका सारा खाना लेकर यहां से निकल जाते हैं। इन्हे एक वोट मिलती हैं और एक बार फिर से ये नदी के सहारे आगे बढ़ना शुरू करते हैं। जैन के पास जो पैसे होतें हैं। जो उसे स्कूल में मिले थे। वो उन पैसों को रिप को देना चाहता हैं लेकिन रिप मना कर देता हैं लेकिन जैन के जबरदस्ती करने पर रिप उन पैसों को ले लेता हैं। रिप के पास भी कुछ हीरे होते हैं। जो उसे उस हीरे के खान से मिले होते जहां पर वो फंस गया था और वो उन में से एक हीरा जैन को देता हैं। ताकि वो हमेशा उसे याद रख सके। अब ये नाव का सफर पूरा करने के बाद वैश्य की तरफ बढ़ना शुरू कर देते हैं। रिप इस जगह को जानता हैं क्योंकि उसका गांव यहां से बहुत ही ज्यादा दूर नहीं हैं। रात होने पर रिप उसे एक गुफा में ले जाता हैं। वो कहता हैं मेरे दादा मुझे यहां पर लाये करते थे लेकिन अब लोग यहां पर नहीं आते। जैन रिप को बताता हैं। की कुछ ही दिनों पहले उसके पिता की मृत्यु हो गयी। वह अचानक से गायब हो गए हमेशा के लिए ऐसा क्यों होता हैं। रिप जैन को समझाता हैं वो कहता हैं की हम सब एक ही नदी में बह रहे हैं। कोई आज गया तो कोई कल हम सबको एक दिन इस दुनिया को छोड़कर जाना ही होगा लेकिन सबसे बड़ी बात ये हैं कि जब तक हम इस दुनिया में हैं हम अपनी सभी कामो को अच्छे से करें और अपनी जिम्मेदारियों को समझें। ड्यूमा को छोड़ने के बाद तुम अपने माँ के पास वापस चले जाना। मैं भी अपने गांवो अपने परिवार के पास वापस चला जाऊंगा। पता नहीं मेरा परिवार मुझे माफ़ करेगा कीनहीं और अगली सुबह ये दोनों के दोनों आगे बढ़ना शुरू करते हैं और जब ये आगे जा रहेंहोते हैं। तभी इनपर बहुत सारी टेसी फ्लाई हमला कर देती हैं। ये फ्लाई ये मधुमक्खियां बहुत ही खतरनाक होती हैं। जो इंसानों का खून चूसती हैं। साथही साथमरे हुए जानवरों को भी खाती हैं। रिप जैन को अपने कपड़ोसे पूरी तरह से छुपा लेता हैं। लेकिन वो अपने आप को नहीं बचा पाता। बहुत सारी मक्खियां उसे बुरी तरह से कांट लेती हैं और अब जैसे जैसे दिन ढलता हैं वैसे वैसे रिप की तबियत ख़राब होना शुरू हो जाती हैं। उसका पूरा शरीर शूज जाता हैं। यहां पर बारिश भी होना शुरू हो जाती हैं। इस वजह से इन्हे आग जलाने में बहुत मुश्किल हो रही होती हैं और जो पैसे इनके पास होते हैं। वो उन पैसों को जलाकर यहां आग जलाते हैं पर जैन को समझ आ जाता हैं कि अगर वो उसके लिए मदद नहीं लाया तो वो जिन्दा नहीं बच सकता। इसी बीच वो ड्यूमाको कहता हैं की तुम्हे यहीं रुकना होगा और वो अकेला ही उसके गांव की तरफ बढ़ चलता हैं वो उसके गांव पहुंचकर उसके लिए मदद ले आता हैं। लेकिन रिप का पूरा चेहरा शूजा हुआ होता हैं।

इसीलिये उसे कोई नहीं पहचानता। गांव लाने के बाद रिप के पूरे चेहरे पर एक लेप लगाया जाता हैं जिससे एक मुखौटा बन जाता हैं और अगली सुबह जब वो मुखौटे को हटाते हैं तो वो देखते हैं की वोरिप हैं। इसके बाद रिप के पूरे परिवार को यहां बुलाया जाता हैं। रिप अपने दोनों बच्चों से अपने पत्नी से और अपनी माँ से मिलता हैं। रिप का परिवार रिप को वापस पाकर बहुत खुश होता हैं। रिप जैन को भी अपने परिवार से मिलाता हैं। जैन अगली सुबह जब बाहर जाता हैं तब ड्यूमाआस पास कहीं भी नहीं होता और जब वो उसे ढूंढताहुआ बहुत आगे निकल जाता हैं तो वो देखता हैं की ड्यूमाएक दूसरे चीता के साथ होता हैं और वो दोनों आपस में खेल रहे होते हैं और इसके बाद वो दोनों मिलकर एक हिरन का शिकार भी करते हैं। यानि की ड्यूमायहीं इसी जगह से बिलोंग करता था। हो सकता हैं की ड्यूमाइस वक्त जिसके साथ हैं वो उसी का कोई खोया हुआ भाई हों और अब जैन को अपने पिता की वो बात याद आती हैं। जब उसकी पिता ने उसेसमझाया था कि ड्यूमाजंगल से बिलोंग करता हैं और अगर तुम चाहते हो की ड्यूमाअपनी असली जिंदगी जिये जिसके लिए वो पैदा हुआ हैं। तो तुम्हे उसकी जगह पर छोड़ना होगा। जैन ड्यूमाको इस जगह छोड़ने का मन बना चुका था। जैन के पास ड्यूमाआता हैं। ये दोनों एक दूसरे को प्यार करते हैं। दरसल ये इन दोनों का फ़ाइनल गुड बाय हैं। इसके बाद जैन रिप से मिलता हैं और रिप से मिलने के बाद वो सीधा अपने माँके पास जाता हैं। जैन की माँ जैन को वापस देखकर बहुत खुश होती हैं। वो उसे अपने गले से लगा लेती हैं और अपने पूरे सफर से जैन ये समझ पाताहैं की इस दुनिया में बहुत सारी चीजें हैं जो एक दूसरे के लिए बनी होती हैं। जैसे डूमा के लिए उसका वाइल्डनेस यानि की उसका जंगल उसका अपना घर उसकी अपनी जिंदगी। रिप के लिए उसकापरिवार और जैन के लिए उसके पिता। उसके पिता जो भी जो भी सोचते थे। जिन भी चीजों पर विश्वास करते थे। अब वो जैन के साथ उसकी जिंदगी में आगे चलेंगी। ये कहानी सिर्फ एक सफर के बारे में नहीं हैं। ये कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती हैं। ये हमें सिखाती हैं कि हमें अपनी जिंदगी में अपने जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। जैसे कि रिप की जिम्मेदारियां उसका परिवार था। जैन की जिम्मेदारी ड्यूमाको उसके घर तक पहुँचाना था और इस सफर में वो समझ पाया की मौत सिर्फ एक वक्त हैं। जो देर सबेरे हर एक की जिंदगी में आना हैं। उसके लिए हमेंदुःखीया परेशान नहीं होना चाहिए। बल्कि अपने जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। इसके साथ साथ वो ये भी समझ पाया की हम भले ही किसी से कितना भीप्यार कर लें लेकिन हम किसी की एक सही जगह होती हैं। जैसे ड्यूमाकी सही जगह जंगल थी। रिप की सही जगह उसका परिवार थी और खुद उसका सही जगह उसकीमाँ के साथ थी। जिन्हे उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थीं। तो ये थी पूरी कहानी फिल्म ड्यूमाकी। ये फिल्म सन्न 2005 में रिलीज हुई थी। उम्मीद करते हैं की आपको ये कहानी आपकोपसंद आयी होगी।

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