अंग्रेजी महिलाए लूट ही लेती अगर ऐसा दिमाग न लगाया होता

एक बार एक महात्मा भगवा रंग के कपडे पहनकर ट्रेन से जा रहे थे । उनके सामने वाली सीट पर दो अंग्रेज महिलाए बैठी थी और उसका भगवा रंग के कपडे देखकर उसका मज़ाक उड़ा रही थी ।

 

 

तभी अचानक से उन दोनों अंग्रेज महिलाओ की नज़र उन महात्मा के हाथ की घड़ी पर पड़ गयी जो कि थोड़ी महंगी लग रही थी। तो तभी उन अंग्रेज महिलाओ ने सोचा कि क्यों न इस घडी लूट लिया जाए। उन दोनों अंग्रेज महिलाओ ने उस व्यक्ति से कहा कि तुम ये घड़ी हमें दे दो नहीं तो हम पुलिस को बुलाएंगे और कहेंगे कि “तुम हमसे बत्तमीजी दे पेश आ रहे थे।”

तब उन महात्मा ने बात सुनकर अनसुनी कर दी और कुछ नहीं बोले ऐसा बर्ताव किया कि उन्हें कुछ सुनाई नहीं देता। फिर उन दोनों महिलाओ ने उसे इशारे से समझाया पर वो तब भी नहीं समझे । तब उन महात्मा ने उन दोनों महिलाओ को इशारे से कहा कि आप लोगों को जो भी कुछ कहना है उसे इस पर्ची पर लिखकर बता दीजिए। फिर उन अंग्रेज महिलाओ ने लिखकर दे दिया कि “तुम ये घड़ी हमें दे दो नहीं तो हम पुलिस को बुलाकर कहेंगे कि ये आदमी हमसे बत्तमीजी कर रहे थे।”

 

 

जब यह लिखकर उन औरतों ने वो पर्ची महात्मा को दे दी । पर्ची को पढ़कर का महात्मा बोले कि “अब आप लोग पुलिस को बुला लो।” वो दोनों अंग्रेज औरत कुछ नहीं कर पायी।
क्या आप लोग जानते हैं वो महात्मा कौन थे, वो थे स्वामी विवेकानंद जी।

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